म्यांमार से अपनी जान बचाकर भारत आए रोहिंग्या मुस्लिमों को अब भारत से भी निकालने की तैयारी भी शुरू हो चुकी हैं. आज लोकसभा में भी  रोहिंग्या मुस्लिमों का मुद्दा उठा. एक तरफ बीजेपी रोहिंग्या मुस्लिमों के विरोध में नजर आई तो वहीँ कांग्रेस और अन्य दलों ने इंसानियत के तहत समर्थन किया.

बीजेपीु सांसद निशिकांत दुबे ने मामला उठाते हुए कहा कि म्यामांर के रास्ते रोहिंग्या मुसलमान भारत आते हैं. इससे पूरे देश में सीमावर्ती क्षेत्रों की जनसांख्यिकी बदल गई है. ये लोग भारतीयों का रोजगार छीन रहे हैं, जाली मुद्रा का काम कर रहे हैं और आतंकवादी तथा नक्सवादी गतिविधियों में शामिल हो रहे हैं.

दुबे ने सरकार से मांग की, ‘‘एक आयोग बनाया जाए और विभिन्न राज्यों में डिमाग्रफी का अध्ययन कराया जाए. इसमें यदि कोई अवैध घुसपैठ करके भारत में आया पाया जाता है, तो उसे उसके देश वापस भेजा जाए.’’ वहीं कांग्रेस के शशि थरुर ने कहा कि देश में विदेशी शरणार्थियों के स्वागत का हजारों साल का इतिहास रहा है. उन्होंने सरकार से एक शरणार्थी और आश्रय कानून बनाने की मांग की.

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

सीपीएम के ए. संपत ने कहा कि रोहिंग्या शरणार्थियों में हिंदू, मुस्लिम और ईसाई सभी धर्मों के लोग हैं. शिविरों में उनकी बहुत बुरी स्थिति है. उन्होंने कहा कि सरकार को इस मुद्दे को द्विपक्षीय तरीके से सुलझाना चाहिए.

Loading...