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आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर से भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (इसरो) अपने पोलर सैटेलाइट लांच व्हिकल (पीएसएलवी) सी43 से पृथ्वी की निगरानी करने वाले भारतीय हाइपर स्पेक्ट्रल इमेजिंग सैटेलाइट (एचवाईएसआईएस) और 8 देशों के 31 अन्य सैटेलाइटों को प्रक्षेपित कर दिया गया है।

इसरो ने अलग-अलग देशों के 29 सैटलाइट स्पेस में भेजे हैं। इसरो द्वारा भेजे जा रहे है 29 सैटलाइटों में से 23 सैटलाइट अमेरिका के हैं। जिन देशों के उपग्रह भेजे गए हैं उनमें 23 सैटेलाइट अमेरिका के जबकि आस्ट्रेलिया, कनाडा, कोलंबिया, फिनलैंड, मलेशिया, नीदरलैंड और स्पेन की एक-एक सैटेलाइट शामिल हैं।

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सैटेलाइट के लांच होने से पहले इसरो ने कहा था कि पीएसएलवी-सी43, इसरो की 45वीं उड़ान है। एचवाईएसआईएस इस मिशन का प्राथमिक सैटेलाइट है। एचवाईएसआईएस उपग्रह का प्राथमिक उद्देश्य पृथ्वी की सतह के साथ इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पैक्ट्रम में इंफ्रारेड एवं शॉर्ट वेव इंफ्रारेड क्षेत्रों का अध्ययन करना है। इसरो ने कहा था कि यह सैटेलाइट सूर्य की कक्षा में 97.957 डिग्री के झुकाव के साथ स्थापित की जाएगी।

अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि एचवाईएसआईएस का प्राथमिक लक्ष्य इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वर्ण पट (स्पेक्ट्रम) के समीप इंफ्रारेड और शार्टवेव इंफ्रारेड क्षेत्रों में पृथ्वी की सतह का अध्ययन करना है। एजेंसी ने कहा कि एचवाईएसआईएसमें एक माइक्रो और 29 नेनो सेटेलाइट होंगे। ये उपग्रह आठ विभिन्न देशों के हैं. इन सभी उपग्रहों को पीएसएलवी-सी43 की 504 किमी वाली कक्षा में स्थापित किया जाएगा।

एजेंसी ने कहा कि इन उपग्रहों के प्रक्षेपण के लिए इसरो के वाणिज्यिक अंग एंट्ररिक्स कार्पोरेशन लि. के साथ वाणिज्यक करार किया गया है। पीएसएलवी इसरो का तीसरी पीढ़ी का प्रक्षेपण यान है।

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