भोपाल | मध्यप्रदेश में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी कर रहे 11 युवको को मध्यप्रदेश ATS ने गिरफ्तार किया है. अब इस मामले ने राजनितिक तुल पकड़ना भी शुरू कर दिया है. कांग्रेस की प्रदेश इकाई ने आरोप लगाया है की पकडे गए आरोपियों में से दो का सम्बन्ध बीजेपी से है. हालाँकि बीजेपी ने इस बात से इनकार किया है. उधर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने इस मामले में ट्वीट कर इसे साम्प्रदायिक रंग देने की भी कोशिश की है.

तीन दिन पहले मध्य प्रदेश ATS ने भोपाल, सतना, ग्वालियर और जबलपुर से 11 युवको को गिरफ्तार किया. इन युवको के बारे में उत्तर प्रदेश पुलिस और जम्मू कश्मीर पुलिस से इनपुट मिले थे. गिरफ्तार युवको के पास से हजारो मोबाइल सिम, जासूसी के उपकरण और एक टेलीफोन एक्सचेंज बरामद हुई है. इसके अलवा इस मामले में बड़े आर्थिक लेनदेन भी हुए है. पकडे गए एक आरोपी ने इस बात को कबूल किया है की उन्हें ISI की तरफ से आर्थिक सहायता मिली थी.

जासूसी के आरोप में पकडे गए दो युवक ध्रुव सक्सेना और जीतेन्द्र के तार बीजेपी से जुड़े हुए है. ग्वालियर के रहने वाले जितेन्द्र के भाई की पत्नी ग्वालियर में पार्षद है तो भोपाल के ध्रुव , बीजेपी के आईटी सेल से जुड़े हुए है. ध्रुव को लेकर बताया जा रहा है की वो प्रदेश के कई बीजेपी नेताओं का भी करीबी है. इस बारे में एक प्रेस वार्ता का कांग्रेस ने बीजेपी पर जमकर निशाना साधा.

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है. उधर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर कहा की पकडे गए ISI एजेंटों में एक भी मुस्लमान नही, मोदी भक्तो कुछ सोचो. इस मामले में अपनी किरकिरी होती देख प्रदेश BJP अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान ने प्रेस वार्ता कर दोनों आरोपियों से पल्ला झाड लिया.

नन्द किशोर ने कहा की दोनों आरोपियों का बीजेपी से कोई लेना देना नही है. उनमे से किसी ने बीजेपी की प्रथमिक सदस्यता भी नही ली है. नन्द किशोर की सफाई पर कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा ने ध्रुव सक्सेना की बीजेपी नेताओं के साथ कुछ तस्वीरो को मीडिया के सामने रखा कहा की नन्द किशोर जी आरोपियों के बारे में गलत जानकारी दे रहे है. उधर अदालत ने सभी आरोपियों को 14 फरवरी तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है.


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