उत्तराखंड के पिथौरागढ़ के डिडीहाट से आईएसआई एजेंट रमेश की गिरफ्तारी के बाद अब एटीएस के निशाने पर अब सेना का वह अधिकारी भी है जो रमेश को अपने साथ पाकिस्तान ले गया था.

बताया जा रहा है कि पाकिस्तान से लौटने के बाद ब्रिगेडियर स्तर के इस अफसर को प्रमोशन मिल चुका है. वह मेजर जनरल के पद पर हैं और दिल्ली में तैनात हैं. ऐसे में अब एटीएस जानना चाहती है कि पाकिस्तान स्थित भारतीय दूतावास में तैनाती के दौरान इस अफसर की वहां क्या भूमिका थी? इनको दूतावास में किस तरह का काम सौंपा गया था.

एडीजी कानून एवं व्यवस्था आनन्द कुमार ने बताया कि एटीएस को रमेश सिंह के पास से पाकिस्तानी क्यू फोन और एक सिम कार्ड बरामद हुआ है. यह फोन आईएसआई ने रमेश को दिया था. एटीएस के मुताबिक, रमेश के पास से मिले फोन की जांच करवाई जा रही है. इससे पता चलेगा कि उसने किस-किस को और कहां सम्पर्क किया.

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रमेश ने कबूला है कि उसे आईएसआई ने करीब 1300 डॉलर दिए. वह पाकिस्तान से आने के बाद दिल्ली में डॉलर को भारतीय करंसी में बदलवा कर अपने गांव जाता था. उसके बैंक खातों की पड़ताल की जा रही है.

रमेश ने ये भी बताया कि आईएसआई से जुड़े लोग रमेश के जरिए अधिकारी की अनुपस्थिति में उनके घर आने-जाने लगे. वहां इन लोगों ने अधिकारी की डायरी की फोटो ले ली. उनके कम्प्यूटर समेत घर के कई हिस्सों में जासूसी के उपकरण लगा दिए.

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