गुजरात में IPS पीपी पांडे को एक्सटेंशन देकर कार्यकारी DGP बनाने का मामले में सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार को आदेश जारी कर पांडे को तुरंत पद मुक्त करने का आदेश जारी किया हैं. पांडे इशरत जहां मामले में साजिश, अपहरण और हत्या के मामले में आरोपी है.

पूर्व आईपीएस जूलियो रिबेरो ने सुप्रीम में याचिका दायर कर कहा हैं कि पीपी पांडे इशरत जहां समेत कई केस में आरोपी रहे हैं. लेकिन सरकार ने रिटायरमेंट के बाद एक्सटेंशन देकर गुजरात का कार्यकारी DGP बना दिया है. इससे तमाम केसों की जांच के वो प्रभारी हो गए हैं और केसों में गवाही देने वाले पुलिसवालों के मुखिया हो गए हैं. ऐेसे में वो केसों को प्रभावित करेंगे. इसलिए उनको पद से हटाया जाए.

याचिका में कहा गया कि इशरत एनकाउंटर मामले में अभी गवाही बाकी है. इस स्थिति में पुलिस महानिदेशक जो स्वयं इस मामले में आरोपी हैं. इसका प्रभाव निश्चित रूप से गवाहों और अधीनस्थ अधिकारियों को प्रभावित करने वाला है. रिबेरो ने इस नियुक्ति को न्याय हित और लोकहित के विपरीत बताया है.

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1980 बैच के आईपीएस अधिकारी पीपी पांडे इशरत मामले में आरोपी हैं और वहीँ दूसरे आरोपी आईपीएस डीजी वंजरा के साथ जेल में भी रह चुके हैं. वंजारा फिलहाल जमानत पर रिहा हैं. जुलाई 2013 में सीबीआई ने इस मामले में पीपी पांडे को गिरफ्तार किया था. उस वक्त वह एडीजीपी-सीआईडी (क्राइम) के पद पर तैनात थे. फरवरी 2015 में उन्हें सीबीआई कोर्ट ने उनकी जमानत मंजूर की, जिसके बाद गुजरात सरकार ने उन्हें दोबारा पुलिस सेवा में बहाल करते हुए एडीजीपी (लॉ एंड ऑर्डर) पद सौंपा था.

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