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लखनऊ – इस्लामिक स्टेट के मारे गये संदिग्ध आतंकी को लेकर एक बेहद बड़ा खुलासा हुआ है जिसमे कहा जा रहा है की सैफुल्लाह के निशाने पर बाराबंकी के पास देवा शरीफ में हाजी वारिस अली शाह की दरगाह थी, जिसे निशाना बनाने के लिए आतंकी ने गोला बारूद जमा कर रखा था.इसका इरादा दरगाह पर सीरियल ब्लास्ट करना था जिसके लिए इसने 27 मार्च की तारीख निश्चित कर रखी थी.

हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के अनुसार दरगाह पर हमले की योजना की पूरी योजना उस आतंकी के लैपटॉप से बरामद की गयी है, जिसे भोपाल-उज्जैन पैसेंजर में ब्लास्ट को लेकर गिरफ्तार किया गया था.

फैजान और इमरान, नाम के दो युवा जिन्हें ब्लास्ट के बाद उठाया गया तथा सैफुल्लाह को एनकाउंटर में मार गिराया गया, जबकि मोबाइल दूकान का मालिक अजहर भागने में कामयाब हो गया.सूत्रों के मुताबिक ट्रेन में किया गया ब्लास्ट सिर्फ यह पता करने के लिए किया गया था की बम की मारक क्षमता कितनी है और इसके बाद आइएस सेल की दरगाह पर ब्लास्ट करने की योजना थी. बरामद किये गये लैपटॉप से कुछ जिहाद से सम्बंधित विडियो मिले है जिनमे पाकिस्तान की दरगाहों पर ब्लास्ट होते दिखाया गया है, गौरतलब है की इन सभी ब्लास्ट की ज़िम्मेदारी आइएस नही ली थी.

अभी हाल ही में हुए पाकिस्तान के मशहूर सूफी दरगाह शाहबाज़ लाल कलंदर पर बम ब्लास्ट जिसमे लगभग 75 लोग मारे गये थे और इस ब्लास्ट की ज़िम्मेदारी भी इस्लामिक स्टेट ने ली थी. इन्टेरोगेशन के दौरान फैजान ने बताया की आइएस से जुड़े आठ मेम्बर इसी तरह के ब्लास्ट की योजना बना रहे थे तथा उसने दावा किया की अपने भाई इमरान के साथ काफी दफा दरगाह का मुआयना की करके आया था.

एटीएस की टेक्निकल टीम बरामद किये लैपटॉप को खंगाल रही है जिसमे भेजे गये ईमेल, चैट तथा देश के बाहर के लोगो से की गयी बातचीत के ज़रिये और सुराग मिलने की उम्मीद भी जताई जा रही है.

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