Monday, October 18, 2021

 

 

 

गुजरात में भाजपा की जीत दिखाने को मजबूर मीडिया? तमाम सर्वे ज़मीनी हक़ीक़त से काफ़ी दूर?

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नई दिल्ली । आज गुजरात में होने वाले विधानसभा चुनावों के पहले चरण के मतदान के लिए चुनाव प्रचार थम जाएगा। इस दौरान भाजपा और कांग्रेस, दोनो ही दलो की और से आकर्मक चुनाव प्रचार देखा गया। दोनो ही दलो के नेताओ ने विपक्षी दलो के नेताओ पर जमकर कटाक्ष किए। फ़िलहाल प्रधानमंत्री मोदी का ग्रह राज्य होने के नाते भाजपा की इज़्ज़त दाँव पर लगी हुई है। इसलिए भाजपा साम, दाम, दंड, भेद, सब चीज़ों का सहारा लेकर ये चुनाव किसी भी हाल में जीतना चाहती है।

हालाँकि ज़मीनी हक़ीक़त यह है की इस बार कांग्रेस , भाजपा को कड़ी टक्कर देती हुई दिख रही है। दोनो दलो के बीच काँटे का मुक़ाबला है। इसलिए ऊँट किसी भी करवट बैठ सकता है। टीवी न्यूज़ चैनल एबीपी के एक सर्वे के अनुसार दोनो ही दलो को 43-43 फ़ीसदी मत मिलते दिखायी दे रहे है। जब से यह सर्वे सामने आया है तब से ही अन्य टीवी न्यूज़ चैनल भी अपने अपने सर्वे के साथ सामने आ गए।

एबीपी के सर्वे के बाद तमाम चैनल के सर्वे में भाजपा की सरकार बनती हुई दिख रही है। अब सबसे बड़ा सवाल यह पैदा हो रहा है की अगर ज़मीनी स्तर पर भाजपा की हालात ख़स्ता है तो फिर न्यूज़ चैनल के सर्वो में स्थिति उलट क्यों दिखाई दे रही है। इसके अलावा एक सवाल यह भी है की एबीपी ने जैसे ही यह सर्वे दिखाया की गुजरात में दोनो दलो को समान मत मिलेंगे वैसे ही दूसरे न्यूज़ चैनल में भी सर्वे दिखाने की होड़ मच गयी।

क्या ये तमाम सर्वे एबीपी के हालिया सर्वे को काउंटर करने के लिए दिखाए जा रहे है? या फिर हक़ीक़त में भाजपा गुजरात में इतनी मज़बूत है? इसका जवाब यह है की अगर भाजपा को इसकी जानकारी है की वहाँ वे सरकार बनाने की स्थिति में है तो फिर पूरी केंद्र सरकार गुज़रात में डेरा क्यों डाले हुए है? क्यों भाजपा को राहुल गांधी के मंदिर मंदिर जाने से परेशानी हो रही है? आख़िर क्यों उस गुजरात मॉडल की चुनाव प्रचार के दौरान चर्चा नही की जा रही जिसे 2014 लोकसभा चुनाव के दौरान एक मॉडल के तौर पर दिखाया गया था?

इन सब सवालों का जवाब तो भाजपा ही दे सकती है लेकिन यह स्पष्ट है की एबीपी के सर्वे के बाद भाजपा किसी भी हाल में यह दिखाने की कोशिश करेगी की वो गुजरात में सरकार बनाने की स्थिति में है। इससे गुजरात में यह संदेश जाएगा की भाजपा अभी भी मज़बूत है। इसलिए तमाम मीडिया (जिसे रविश कुमार गोदी मीडिया कहते है) एबीपी के सर्वे को काउंटर करने में लग गए। वैसे 18 दिसम्बर को पूरी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।

देखे कुछ न्यूज़ चैनल के सर्वो के आँकड़े 

इंडिया टीवी का ओपिनियन पोल –

बीजेपी – 106-117

कांग्रेस – 63-73

अन्य – 2-4

टाइम्स नाऊ का ओपिनियन पोल –

बीजेपी – 111

कांग्रेस – 68

अन्य – 3

एबीपी-सीएसडीएस का ओपिनियिन पोल –

बीजेपी – 91-99

कांग्रेस – 78-74

अन्य – 4-5

प्रशांत चौधरी 

नोट – उपरोक्त विचार लेखक के निजी विचार है

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