इम्फाल | AFSPA के खिलाफ सालो तक अनशन पर रही सामाजिक कार्यकर्ता इरोम शर्मीला अब राजनीती में कूद पड़ी है. उन्होंने मणिपुर विधानसभा में अपनी किस्मत आजमाने का फैसला किया है. वो मणिपुर के मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी के खिलाफ चुनाव मैदान में है. लेकिन इसी बीच उन्होंने एक चौकाने वाला खुलसा करते हुए कहा की उन्हें एक बीजेपी नेता की और से 36 करोड़ रूपए का ऑफर दिया गया था.

सोमवार को एक अंग्रेजी न्यूज़ चैनल को दिए गए इंटरव्यू में इरोम ने कहा की अनशन समाप्त करने के बाद मैं एक बीजेपी नेता से मिली थी. उन्होंने मुझे मौजूदा राजनितिक व्यवस्था से अवगत कराते हुए कहा की चुनाव लड़ने में बहुत पैसा खर्च होता है. तुम इतना पैसा इकठ्ठा नही कर पायी तो चुनाव लड़ने के लिए केंद्र सरकार तुम्हारी मदद करेगी और तुम्हारे लिए पैसे उपलब्ध कराएगी.

इरोम ने कहा की बीजेपी नेता ने मुझसे कहा की चुनाव लड़ने में औसतन 36 करोड़ रूपए का खर्चा आएगा. जो तुम नही जुटा सकती. इसलिए केंद्र तुम्हे यह राशी देगी. इरोम ने आगे बताया की इसी नेता ने मुझे मुख्यमंत्री के खिलाफ चुनाव लड़ने की सलाह दी. हालाँकि इरोम के दावों का बीजेपी ने खंडन किया है.

बीजेपी महासचिव राम माधव ने इरोम शर्मीला के दावों को ख़ारिज करते हुए कहा की यह पूरी तरह झूठ है. हमारी तरफ से ऐसी कोई पेशकश नही की गयी. जबकि पुरे राज्य के चुनाव प्रचार में भी इतना पैसा खर्च नही हो रहा है. राम माधव ने इरोम को सलाह दी की वो चुनाव लड़ने के लिए और दुसरे सम्मानजनक रास्ते ढूंढें. मालूम हो की मणिपुर की 60 विधानसभा सीटो के लिए 4 मार्च और 8 मार्च को दो चरणों में मतदान होगा.


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