6 दिसंबर, 1992 को बाबरी मस्जिद की शहादत के मामले में सीबीआई की विशेष अदालत 30 सितंबर को फैसला सुनाएगी। सीबीआई की कोर्ट ने सभी आरोपियों को फैसले के दिन कोर्ट में मौजूद रहने का आदेश दिया है। मामले में लालकृष्ण आडवाणी, उमा भारती समेत कुल 32 अभियुक्त हैं।

इसी बीच बाबरी मस्जिद के पूर्व पक्षकार रहे इकबाल अंसारी (Iqbal Ansari) ने सभी आरोपियों को बरी करने की अपील करते हुए कहा कि  बाबरी मस्जिद से जुड़े सभी केसों को खत्म कर देना चाहिए। अंसारी ने कहा कि यह मसला सुप्रीम कोर्ट में रहा और सुप्रीम कोर्ट से फैसला भी आ गया है। फैसला मंदिर के हक में आया।

उन्होने कहा कि मुकदमे में बहुत से लोगों की सुनवाई हो चुकी है और बहुत से लोग ऐसे भी हैं जो इस दुनिया में नहीं है। जो लोग बचे हैं वे भी बहुत बुजुर्ग हो चुके हैं। हम यह चाहते हैं कि बाबरी मस्जिद के नाम पर जितने भी मुकदमे हैं उन को समाप्त कर देना चाहिए।

अंसारी ने कहा कि अयोध्या मसला हिंदू और मुसलमान के बीच का एक विवाद बन गया था और यह राजनीति में आ गया था। अब सुप्रीम कोर्ट से फैसला आ गया है तो सरकार को चाहिए कि इस मसले को पूर्ण रूप से खत्म कर दे। हम यह चाहते हैं कि हिंदू और मुसलमान मंदिर और मस्जिद के नाम पर कोई भी ऐसा काम न करें जो देश की तरक्की में बाधा बने।

उन्होने कहा, धर्म के नाम पर यदि कोई भी विवाद रहता है तो इससे देश कमजोर होता है। मैं यह चाहता हूं कि हमारे देश में बाबरी मस्जिद और राम जन्म भूमि के मामले पर जो भी मुकदमे हैं वह जल्दी से जल्दी समाप्त किए जाएं।

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