रामगढ | झारखण्ड के रामगढ में गुरुवार को हुई अलीमुद्दीन अंसारी की हत्या के मामले में बेहद चौकाने वाली खबर सामने आई है. दरअसल घटना की एक विडियो सामने आई है जिसके बाद पुलिस की भूमिका संदेह के घेरे में आ गयी है. हालाँकि पुलिस ने पूरी विडियो को ही ख़ारिज करते हुए कहा है की इस घटना में पुलिस की कोई संलिप्ता नही है. उधर इस मामले में अभी तक तीन लोगो को गिरफ्तार किया गया है.

गुरुवार को झारखण्ड के रामगढ में गौमांस की तस्करी के आरोप में भीड़ ने अलीमुद्दीन अंसारी की पीट पीटकर हत्या कर दी थी. जिसके बाद पुरे देश में गौरक्षा के नाम पर भीड़ तंत्र की गुंडागर्दी के ऊपर बहस छिड गयी है. हालाँकि विपक्षी दल आरोप लगा रहे है की राज्य सरकार और पुलिस के संरक्षण की वजह से कथित गौरक्षक इस तरह की घटनाओ को अंजाम दे रहे है. हालाँकि अभी तक किसी भी मामले में पुलिस की भूमिका को संदेह की नजर से नही देखा गया है.’

लेकिन अलीमुद्दीन के मामले में सोशल मीडिया पर एक विडियो वायरल हो रही है जिसमे पुलिस की भूमिका पर भी सवालिया निशान लग गए है. दरअसल इस विडियो में कुछ युवक अलीमुद्दीन को पीटते समय पुलिस के डंडे का इस्तेमाल करते हुए दिख रहे है. कहा यह भी जा रहा है की उस समय वहां कई पुलिस वाले भी मौजूद थे लेकिन उन्होंने अलीमुद्दीन को भीड़ से बचाने का काम नही किया.

हालाँकि पुलिस ने सभी आरोपों को नकारते हुए कहा है की इस मामले में पुलिस की कोई संलिप्ता नही है. डीजीपी ने विडियो सामने आने के बाद कहा की अगर किसी के पास कोई सबूत है तो वो लेकर आये हम कार्यवाही करेंगे. लेकिन सवाल यह उठता है की अगर पुलिस घटनास्थल पर मौजूद नही थी तो युवको के पास उनका डंडा कैसे आया? फ़िलहाल मामले की जांच होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकता है.




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