Saturday, November 27, 2021

रोहिंग्या पर हिंसा के चलते म्यांमार के खिलाफ प्रस्ताव पारित, भारत ने शामिल होने से किया इंकार

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रोहिंग्या मुस्लिमों के खिलाफ हो रही हिंसा को लेकर इंडोनिशया में हुए अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में म्यांमार के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया गया. इस प्रस्ताव से भारत ने खुद को अलग कर लिया.

बाली के नुसा डुआ में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में  भारत ने खुद को अलग करते हुए कहा कि  म्यामांर के राखिन प्रांत में हुई हिंसा को लेकर जो संदर्भ दिया गया है वह यथोचित नहीं है. साथ ही भारत ने म्यांमार के साथ अपनी मजबूत होती दोस्ती का भी हवाला दिया.

इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में म्यांमार के राखिने प्रांत में रोहिंग्या मुसलमानों पर म्यांमार के अत्याचार की निंदा की गई. जिसके चलते राखिने प्रांत से करीब सवा लाख रोहिंग्या मुसलमानों को बांग्लादेश में पलायन करना पड़ा. इन दिनों भारत का एक संसदीय प्रतिनिधिमंडल लोक सभा स्पीकर समित्रा महाजन के नेतृत्व में इंडोनेशिया की यात्रा पर है.

यह प्रतिनिधिमंडल दीर्घकालिक विकास के मुद्दे पर आयोजित ‘वर्ल्ड पार्ल्यामेंट्री फोरम’ में हिस्सा लेने के लिए पहुंचा था. इस फोरम के जरिए म्यांमार के खिलाफ यह प्रस्ताव पारित किया गया.

लोक सभा सचिवालय द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि यहां आयोजित हुई फोरम के निष्कर्ष चरण में म्यांमार पर जो प्रस्ताव घोषित किया गया, यह पहले से तय कार्यक्रम का हिस्सा नहीं था. इसलिए भारत ने इसमें हिस्सा नहीं लिया.

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