अजमेर की हजरत ख्वाजा ग़रीब नवाज की दरगाह के दीवान सैयद जैनुअल आबेदीन अली खान ने इस्तांबुल में शनिवार को आईएसआईएस की ओर से किए गए आत्मघाती हमले के बाद बयान जारी कर कहा कि आईएसआईएस की समाप्ति के लिए अंतराष्ट्रीय संयुक्त फौज बननी चाहिए. इस बारे में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी को पत्र भी लिखा है.

दीवान का दावा हैं कि आईएस बेगुनाहों का कत्ल करके इस्लाम को बदनाम करने की मुहिम चला रहा है. इस आतंकी संगठन का अंतराष्ट्रीय स्तर पर खात्मा जरुरी हैं. उन्होंने आगे कहा आतंकियों ने पवित्र रमजान महीने का भी खयाल नहीं किया. आतंकी संगठनों का इस्लाम के उसूलों और मुस्लिम समुदाय की मजहबी आस्थाओं से कोई मेल नहीं है. उनकी करतूतों ने सारी दुनिया में मुसलमानों को मुसीबत में ही डाला है.

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उन्होंने आईएस के खात्मे के बारे में कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एक जाजम पर आकर विश्व से आतंक के खात्मे के लिए सयुक्त फौज का गठन करना होगा. भारत सरकार को इसमे पहल करनी चाहिये अैर प्रधानमंत्री को यह प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र के समक्ष रखना चाहिए.