सीबीआई में विशेष निदेशक और एजेंसी में नंबर दो की हैसियत रखने वाले राकेश अस्थाना को रिश्वत के आरोपों के सिलसिले में हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।

अदालत ने CBI को याथास्थिति बरकरार रखने का निर्देश दिया है। साथ ही अस्‍थाना को अंतरिम राहत देते हुए FIR दर्ज होने के बाद सोमवार (29 अक्‍टूबर) तक उनकी संभावित गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने गैरजमानती वारंट जारी करने पर भी रोक लगा दी है। दूसरी तरफ, सीबीआई ने कोर्ट से एफआईआर में संशोधन करने की अनुमति मांगी है।

बता दें कि इस मामले में सोमवार को अपने डीएसपी देवेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया। मंगलवार को सीबीआई ने देवेंद्र कुमार को हिरासत में देने का अनुरोध करते हुए दलील दी कि उनके कार्यालय एवं आवास पर छापे में दस्तावेज तथा सबूत मिले हैं।

इसी बीच अस्थाना ने कैबिनेट सचिव को लिखे पत्र में बेहद ही गंभीर आरोप लगाए हैं।अस्थाना ने अपने पत्र में कहा है कि उन्हें प्रताड़ित और हतोत्साहित करने के लिए उनके खिलाफ जानबूझकर एक दुर्भावनापूर्ण मुहिम चलाई जा रही है।अस्थाना कैबिनेट सचिव के अलावा केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) को भी पत्र लिखा है।

टाइम्स नाउ की रिपोर्ट के मुताबिक गत 24 अगस्त को कैबिनेट सचिव को लिखे पत्र में अस्थाना ने कहा है कि उनके खिलाफ जानबूझकर दुर्भावनापूर्ण मुहिम चलाई जा रही है। अस्थाना का यह कहना कि उन्हें जानबूझकर प्रताड़ित और हतोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है।

अस्थाना ने अपनी शिकायत सीवीसी से भी की है। 24 सितंबर 2018 को सीवीसी को भेजे गए अपने दस्तावेज में सीबीआई में दूसरे नंबर के अधिकारी अस्थाना ने अपनी शिकायतों का विस्तृत ब्योरा दिया है।