गुवाहटी | मंगलवार को असम के स्थानीय न्यूज़ चैनल में चली एक खबर ने लोगो को दहला दिया. इस खबर ने दाना मांझी की उस तस्वीर को एक बार फिर सबके सामने ला दिया जिसमे वो अपनी पत्नी की लाश को कंधे पर उठाये पैदल चल रहा है. एक ऐसी ही घटना असम के मुजली में घटित हुई. यहाँ एक भाई को अपने छोटे भाई की लाश को संसाधन न होने की वजह से साइकिल पर ले जाते देखा गया.

बताते चले की मुजली , असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल का विधानसभा क्षेत्र है. इसी वजह से जैसे जैसे यह खबर मीडिया में आनी शुरू हुई, चारो तरफ सरकार की किरकिरी होनी शुरू हो गयी. मुख्यमंत्री के क्षेत्र का मामला होने की वजह से आनन फानन में एक जांच कमिटी का गठन किया गया और उनको मामले की जांच कर जल्द रिपोर्ट सौपने का आदेश दिया गया.

लेकिन सरकार की फजीहत तब और ज्यादा हो गयी जब जांच करने पहुंचा जांच दल रास्ते में ही एक नदी में गिर गया. दरअसल 18 वर्षीय डिंपल दास लखीमपुर जिले के बालिजान गाँव का रहने वाला था. श्वास सम्बन्धी बीमारी होने की वजह से उसकी अस्पताल में मौत हो गयी. लेकिन डिंपल का गाँव अस्पताल से करीब 8 किलोमीटर दूर था और वहां जाने के लिए भी सीधा रास्ता मौजूद नही था. इसलिए डिंपल का बड़ा भाई उसकी लाश को साइकिल पर बाँध कर गाँव ले जाता है.

इसी तस्वीर को वहां के स्थानीय न्यूज़ चैनल ने प्रसारित किया था. न्यूज़ बाहर आते ही मुख्यमंत्री ने मामले की जांच करने के आदेश दे दिए. इसके लिए राज्य स्वास्थ्य विभाग के डायरेक्टर के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया. यह टीम 19 अप्रैल को जांच करने के लिए डिंपल के गाँव के लिय रवाना हुई. लेकिन रास्ते में पड़ने वाले एक बांस के पूल को पार करते समय जांच दल के चार सदस्य नदी में गिर गये.

दरअसल डिंपल के गाँव तक जाने के लिए लुइट नदी को पार करना पड़ता है. नदी को पार करने के लिए एक बांस का पुल बनाया हुआ है. इसी का इस्तेमाल कर गाँव वाले नदी करते है. लेकिन जैसे ही जांच दल इस पूल पर पहुंचा तो यह पूल उनका वजन नही उठा सका और क्षतिग्रस्त हो गया. जिसकी वजह से चार लोग नदी की धारा में बह गए. हालाँकि जाँच दल का नेतृत्व कर रहे राज्य स्वास्थ्य विभाग के डायरेक्टर रतिन भुयां दुर्घटना में बाल बाल बच गए.

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