एनएसजी (परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह) में शामिल होने की भारत की सारी मेहनत नाकाम हो गई हैं. चीन के विरोध के कारण भारत की सदस्यता के लिए की जा रही दावेदारी का अभियान खत्म हो गया हैं.

शुक्रवार को 48 देशों वाले इस समूह की अहम बैठक में चीन ने भारत की दावेदारी का विरोध करते हुए कहा कि भारत ने NPT पर हस्ताक्षर नहीं कियें है, इसलिए भारत को एनएसजी में शामिल नहीं किया जाना चाहिए. भारत के खिलाफ चीन की इस दलील को करीब 10 अन्य देशों का भी समर्थन दिया हैं.

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हालांकि भारत को अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, फ्रांस समेत कई देशों का समर्थन मिला था लेकिन सर्व सहमति द्वारा सदस्य बनाएं जाने पर भारत सदस्य नहीं बन सका.

गोरतलब रहें कि ताशकंद में पीएम नरेंद्र मोदी ने भी चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग से विशेष मुलाक़ात कर समर्थन मांगा था.

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