अमेरिका में वैक्सीन का टीका विकसित करने में जुटा भारतीय मुस्लिम वैज्ञानिक

दुनिया भर में कोरोना वायरस से संक्रमितों की कुल संख्या 23 लाख पहुंच गई है और अब एक लाख 60 हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौ’त हो चुकी है। लेकिन अब तक इस बीमारी कोई इलाज सामने नहीं आ पाया है। हालांकि दुनिया भर के वैज्ञानिक कोरोना का टीका विकसित करने में जुटे हुए है। जिसमे भारतीय वैज्ञानिक भी शामिल है।

वहीं अमेरिका भी महामारी के खिलाफ वैश्विक जंग में कूद गया है और इस देश के वैज्ञानिक भी कोरोना वायरस से लड़ने का टीका विकसित करने में लगे हैं। इन वैज्ञानिकों में अपने शहर का भी एक वैज्ञानिक शामिल है और वो हैं फराज जैदी। जिनकी अगुवाई मेें वैज्ञानिकों की टीम लगातार अनुसंधान कर रही है।

फराज अमेरिका के फिलाडेल्फिया में विस्टार इंस्टीट्यूट के प्रोजेक्ट मैनेजर हैं। यह संस्थान बायोमेडिकल रिसर्च करता है। फराज ने बताया कि अभी वायरस को पहचानने का काम किया जा रहा है, बाद में डीएनए वैक्सीन बनाई जाएगी। इस वैक्सीन का परीक्षण कर पता लगाया जाएगा कि ये इंसानों पर कितनी कारगर साबित होती है। फराज का कहना है कि हम वैक्सीन को जल्द से जल्द बनाने में सक्षम होंगे, जिसका उपयोग कोरोना संक्रमितों के इलाज में हो सकेगा।

वहीं भारत में कोरोना वायरस से संक्रमण के कुल मामले 15712 हो गए हैं और इससे मरने वालों की संख्या 507 हो गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO की दक्षिण एशिया की क्षेत्रीय निदेशक डॉ पूनम खेत्रपाल सिंह ने हिन्दुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में कहा है कि भारत में कोरोना वायरस से संक्रमण के कम मामले इसलिए हैं क्योंकि यहां समय पर बहुत ही आक्रामक कार्रवाई की गई।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ एवं जॉन्स हॉपकिंस विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर सिस्टम्स साइंस एंड इंजीनियरिंग (सीएसएसई) के अनुसार दुनिया भर में कोरोना संक्रमित रोगियों के 2,214,861 मामले हैं। शुक्रवार अपराह्न 3:30 बजे तक इस बीमारी से कुल 150,948 लोगों की मौ’त हो चुकी है।

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