Sunday, August 1, 2021

 

 

 

कारोबार सुगमता रैंकिंग : मोदी नही केजरीवाल सरकार की वजह से सुधारी भारत की स्थिति

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नई दिल्ली | हाल में सुस्त पड़ती देश की अर्थव्यवस्था को लेकर मोदी सरकार को काफी आलोचनाओ का सामना करना पड़ा. विपक्ष ने आरोप लगाया की जीएसटी और नोट बंदी की वजह से देश की अर्थव्यवस्था चौपट हो गयी. हालाँकि वित्त मंत्री लगातार सफाई देते रहे की अर्थव्यवस्था पटरी पर है और देश सही दिशा में आगे बढ़ रहा है. लेकिन मोदी सरकार की ही कुछ रिपोर्ट में माना गया की सब कुछ ठीक नही है.

ऐसे में विपक्ष के चौतरफा वार से बेक फूट पर आई मोदी सरकार के लिए विश्व बैंक की एक रिपोर्ट संजीवनी बनकर सामने आई. यह रिपोर्ट दुनिया के विभिन्न देशो में कारोबार करने की सुगमता के आधार पर तैयार की गयी थी. इस आधार पर 180 देशो को रैंकिंग दी गयी. इसमें भारत को 100वा स्थान मिला. हालाँकि यह बहुत बड़ी उपलब्धि नही है लेकिन अगर एक साल में भारत 130 से 100वी रैंक पर आ जाए तो कहा जा सकता है की हम सही दिशा में है.

इस तरह कारोबार सुगमता के मामले में 30 स्थानों की उछाल ने मोदी सरकार के भी चेहरे खिला दिए. सरकार ने इसे एक उपलब्धि करार देते हुए इसका गुणगान करना भी शुरू कर दिया. वित्त मंत्री जेटली जी ने तो एक कदम आगे बोलते हुए कहा की अब हमारा लक्ष्य 50वी रैंक हासिल करना है. लेकिन जब विश्व बैंक की रिपोर्ट सावर्जनिक हुई तो सारी तस्वीर साफ़ होती दिखी. इस रिपोर्ट ने दिल्ली की केजरीवाल सरकार की बांछे खिला दी.

यह रिपोर्ट दिल्ली और मुंबई में कारोबारी कामकाज की सरलता को लेकर बनायीं गयी. इसी आधार पर रैंक दी गयी. रिपोर्ट में एक जगह पर लिखा हुआ है की दिल्ली में पहले बिजली कनेक्शन लेने के लिए 138 दिन लगते थे जो अब घटकर 45 दिन पर आ गए है. इसके अलावा रिपोर्ट में बिजली टैक्स अदायगी, व्यापार का विस्तार और कॉन्ट्रैक्ट के लागूकरण जैसे मानक भी शामिल किये गए. अब इसी रिपोर्ट के आधार पर केजरीवाल सरकार ने दावा किया है की भारत की रैंकिंग में उछाल मोदी सरकार की वजह से नही बल्कि उनकी सरकार के कामकाज की वजह से आया है.

गुरुवार को आम आदमी पार्टी की राष्ट्रिय परिषद की बैठक में बोलते हुए दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोस्दिया ने इसका जिक्र भी किया. उन्होंने कहा की विश्व बैंक की रिपोर्ट में भारत की रैंकिेग में सुधार के लिये दिल्ली और मुंबई के योगदान को प्रमुख कारक बताया गया है. दिल्ली सरकार ने भ्रष्टाचार पर नियंत्रण कर राष्ट्रीय राजधानी में सरकारी और गैरसरकारी कामकाज को आसान बनाया है. इसका असर पूरे देश की रैंकिंग में सुधार के रूप में दिखा है.

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