भारतीय सेना ने बरेली मसलक से मांगी 100 से ज्यादा आलिम, कामिल लोगों की सूची

10:48 am Published by:-Hindi News
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उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के देवबंद में स्थित दारूल उलूम के दौरे के बाद अब केंद्र सरकार ने सुन्नी बरेलवी मसलक के उलेमा से भी संपर्क साधा है।

बरेलवी मसलक के 100 से ज्यादा आलिम, कामिल लोगों की सूची केंद्र सरकार ने मांगी है। ऐसे डिग्रीधारक युवाओं को सेना में धर्मगुरु बनाने की पहल शुरू हो गई। बता दें कि सुन्नी बरेलवी मुसलमानों का सबसे बड़ा मरकज बरेली को कहा जाता है। यहां पर बड़े मजहबी रहनुमा ने दुनिया भर में बरेली की पहचान बनाई है।

तन्जीम उलमा-ए-इस्लाम के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा है कि केन्द्र सरकार के दूत की हैसियत से सेना के जनरल देवबंद गए थे, जिसका हम स्वागत करते हैं। ध्यान रहे उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में सेना भर्ती के अपर महानिदेशक सुभाष शरण ने शनिवार रात दारूल उलूम के सर्वेसर्वा मोहतमिम मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी से मुलाकात की।

संस्था ने सैन्य अधिकारी का स्वागत करते हुए उनकी अपील पर विचार करने की हामी भरी। संस्था के आधिकारिक प्रवक्ता ने रविवार को बताया कि मेजर जनरल सुभाष शरण ने नोमानी को श्रीमद भागवत गीता और सेना का प्रतीक चिह्न भी भेंट किया।

सेना में पंडित, पुजारी, गोरखा पंडित, मौलवी सुन्नी और शिया, पादरी, ग्रंथी नियुक्त होते हैं। इनका काम बटालियन में स्थित धार्मिक स्थलों में पूजा या इबादत कराना होता है।

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