Tuesday, December 7, 2021

भारत ने हासिल की हाइपरसोनिक मिसाइल की तकनीक, ऐसा करने वाला दुनिया का चौथा देश

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आवाज से कई गुना अधिक गति से जाने वाली हाईपरसोनिक क्रुज मिसाइलों के निर्माण में भारत ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए हाईपरसोनिक मिसाइल तकनीक विकसित कर ली है। भारत यह तकनीक हासिल करने वाला दुनिया का चौथा देश बन गया है। इससे पहले अमेरिका, रूस और चीन भी यह तकनीक तैयार कर चुके हैं।

ओडिशा के बालासोर स्थित एपीजे अब्दुल कलाम रेंज में सोमवार को डिफेंस रिसर्च एंड डेवलेपमेंट ऑर्गनाइजेशन (डीआरडीओ) ने स्वदेशी रूप से विकसित स्क्रैमजेट प्रोपल्शन सिस्टम का उपयोग कर हाइपरसोनिक टेक्नोलॉजी डेमोनट्रेटर वाहन का सफलतापूर्वक परीक्षण किया।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट कर बताया, ‘मैं डीआरडीओ को इस कामयाबी के लिए शुक्रिया अदा करना चाहूंगा, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के विजन को आगे बढ़ाया। मैंने परियोजना से जुड़े वैज्ञानिकों से बात की और उन्हें इस महान उपलब्धि पर बधाई दी। भारत को उन पर गर्व है।’

DRDO चेयरमैन डॉ जी सतीश रेड्डी ने कहा, “यह देश की एक प्रमुख तकनीकी सफलता है। यह परीक्षण अधिक महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों, सामग्रियों और हाइपरसोनिक वाहनों के विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा। इसने भारत को यह तकनीक रखने वाले चुनिंदा देशों में शामिल करा दिया है।”

वहीं एक अधिकारी ने बताया, “अग्नि मिसाइल बूस्टर HSTDV को 30 किमी की ऊंचाई पर ले गया और फिर अलग हो गया। इसके बाद व्हीकल का एयर इनटेक खुला और स्क्रैमजेट इंजन बाहर निकल आया। व्हीकल ने सभी पूर्व-निर्धारित पैरामीटर्स पर सफल प्रदर्शन किया है। यह देश के लिए बड़ा दिन है।”

बता दें कि  हाइपसोनिक मिसाइलें एक सेकंड में 2 किमी तक वार कर सकती हैं। इनकी रफ्तार ध्वनि की रफ्तार से 6 गुना ज्यादा होती है। भारत में तैयार होने वाली हाइपरसोनिक मिसाइलें देश में तैयार की गई स्क्रैमजेट प्रपुल्सन सिस्टम से लैस होंगी।

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