Saturday, July 24, 2021

 

 

 

दिल्ली हिंसा पर भारत ने तुर्की के बयान को बताया एर्दोआन का राजनैतिक अजेंडा 

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नई दिल्ली. भारत ने दिल्ली हिंसा पर तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन  के बयान को “गैर जिम्मेदाराना” करार दिया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि एर्दोआन की टिप्पणियां “तथ्यात्मक रूप से गलत” हैं और उनके “राजनीतिक एजेंडे” से प्रेरित हैं।

कुमार ने कहा कि भारत ने मंगलवार को दिल्ली में तुर्की के राजदूत के समक्ष मामले को उठाते हुए कड़ा आपत्तिपत्र भेजा था। उन्होंने कहा, “टिप्पणियां तथ्यात्मक रूप से गलत हैं और उनके (एर्दोआन) राजनीतिक एजेंडे से प्रेरित हैं। हम किसी राष्ट्र प्रमुख से ऐसे गैर जिम्मेदाराना बयानों की उम्मीद नहीं करते।”

बता दें कि तुर्की राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन ने दिल्ली में मुस्लिमों का नरसंहार का आरोप लगाते हुए कहा कि हिन्दू मुस्लिमों का नरसंहार कर रहे है। तुर्की राष्ट्रपति ने अंकारा में अपने भाषण में कहा, ‘वर्तमान में भारत एक ऐसा देश बन गया है जहां नरसंहारों को अंजाम दिया जा रहा है।’

उन्होंने सवाल किया, किसका नरसंहार? मुस्लिमों का नरसंहार। कौन कर रहा है- हिंदू। जामिया का नाम लिए बिना उन्होने कहा, भीड़ ने ट्यूशन सेंटरों में पढ़ रहे मुस्लिमों के बच्चों को लोहे की रॉड से पीटा जैसे कि वे उन्हें मारना चाहते हों।

उन्होने आगे कहा, ‘ये लोग कैसे वैश्विक शांति स्थापित होने देंगे? ये असंभव है। भाषण देते वक्त- क्योंकि उनकी आबादी ज्यादा  है- वे कहते हैं कि हम मजबूत हैं लेकिन ये ताकत नहीं है।’ एर्दोगान की इस टिप्पणी पर भारत के स्थायी मिशन के फर्स्ट सेक्रेटरी विमर्श आर्यन ने कहा, ‘मैं तुर्की को केवल यही सलाह दे सकता हूं कि भारत के आंतरिक मामले पर टिप्पणी करने से दूर रहे और घरेलू राजनीति की समझ बेहतर करे’

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