Monday, September 27, 2021

 

 

 

ज़ाकिर नाईक का दावा – मोदी सरकार ने कश्मीर पर मांगा था समर्थन, बदले में दिया था सुरक्षित वापसी का आश्वासन

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मलेशिया में भगोड़े की जिंदगी जी रहे भारत में वांछित विवादास्पद धर्म गुरु जाकिर नाईक ने कश्मीर को लेकर मोदी सरकार पर उसके साथ सौदेबाजी का गंभीर आरोप लगाया है।

उसने कहा कि अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू एवं कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म होने पर भारत सरकार ने उससे समर्थन मांगा था। नाईक ने कहा, कश्मीर पर समर्थन बदले “सुरक्षित तरीके से भारत लौटने” और उनके खिलाफ चल रहे मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों को हटाने की पेशकश की थी।

एक सोशल मीडिया पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए जाकिर नाईक ने यह सनसनीखेज आरोप लगाया है। शेख यासिर कदी की पोस्ट का जवाब देते हुए जाकिर ने लिखा कि सिर्फ उससे ही नहीं भारत के तमाम शीर्ष मुस्लिम नेताओं को इसी तरह की धमकी या सौदेबाजी की गई थी। सरकार का मकसद कश्मीर पर उनके समेत कथित तौर पर अन्य मुस्लिम नेताओं से समर्थन जुटाना था। इस तरह की पेशबंदी उन नेताओं से ज्यादा की गई थी, जिनका अन्य मुस्लिम देशों में अच्छा-खासा प्रभाव है।

नाइक की  टीम ने एक वीडियो भी जारी किया है, जिसमें नाइक कहते नजर आ रहे हैं कि “साढ़े तीन महीने पहले, भारतीय अधिकारियों ने भारत सरकार के एक प्रतिनिधि के साथ एक निजी बैठक के लिए मुझसे संपर्क किया था। यह सितंबर 2019 का चौथा सप्ताह था जब वे, पुत्रजया (एक मलेशियाई शहर) आए थे और मुझसे मिलना चाहते थे। उनका कहना है कि मुलाकात के लिए वे व्यक्तिगत रूप से भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत के गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशों के बाद आए हैं।”

नाइक वीडियो में दावा कर रहे हैं, “(प्रतिनिधि) ने कहा कि वह उनके (नाइक) और भारत सरकार के बीच पैदा भ्रम और गलतफहमी को दूर करना चाहते हैं और मुझे भारत आने के लिए सुरक्षित तरीका देना चाहते हैं। आए हुए प्रतिनिधि ने यह भी कहा कि वह भारत और अन्य मुस्लिम देशों के बीच संबंधों को बेहतर बनाने के लिए मेरे संपर्कों का उपयोग करना चाहेंगे।” नाइक का कहना है, “बैठक कई घंटों तक चली और उन्होंने मुझसे कहा कि वह चाहते हैं कि कश्मीर में अनुच्छेद 370  खत्म होने का मैं समर्थन करूं। लेकिन मैंने साफ मना कर दिया था।”नाइक ने कहा कि प्रस्ताव से इनकार करने के बाद, उन्हें भविष्य में भाजपा या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ सार्वजनिक बयान न देने के लिए कहा गया।

नाइक ने कहा कि उनका मानना है कि भारतीय मुस्लिम नेता जिन्होंने नागरिकता संशोधन अधिनियम या नागरिकों के राष्ट्रीय रजिस्ट्रार के समर्थन में बयान जारी किए हैं, उन्हें ऐसा करने के लिए या तो “ब्लैकमेल”, “दबाव या मजबूर” किया गया होगा। नाइक का बयान अकादमिक शेख यासिर कादी द्वारा सोशल मीडिया पोस्ट के जवाब में आया, जिसने इसी तरह के दावे किए थे।

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