Friday, June 25, 2021

 

 

 

‘अंतरराष्‍ट्रीय र‍िपोर्ट में भारत को मुस्लिमों के लिए बताया गया खतरनाक मुल्क’

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साउथ एशिया स्टेट ऑफ माइनोरिटी रिपोर्ट 2020 में नए नागरिकता कानून का हवाला देकर भारत को मुस्लिमों के लिए खतरनाक मुल्क बताया गया। रिपोर्ट में कहा गया कि नागरिकता कानून में संशोधन के साथ ही भारत “मुस्लिम अल्पसंख्यकों के लिए खतरनाक और हिंसक स्थान बन चुका है।”

अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, नेपाल,पाकिस्तान और श्रीलंका के नागरिकों की अभिव्यक्ति और निजी स्वतंत्रता के आकलन के आधार पर ये रिपोर्ट तैयार की गई है। रिपोर्ट में कहा गया कि पूरी दुनिया में नागरिक अधिकारों को खतरा है। लेकिन “भारत मुसलमानों के लिए खतरनाक और हिंसक जगह हो गया है”।

रिपोर्ट में कहा गया है कि 2014 से जब से बीजेपी सत्ता में आई है धार्मिक अल्पसंख्यकों पर हमले हुए हैं इससे साफ तौर पर भारत में मुसलमानों और मुस्लिम संगठनों के अधिकारों और अभिव्यक्ति पर असर पड़ा है। मई 2019 में बीजेपी के ” प्रचंड बहुमत ” के साथ सत्ता में लौटने के बाद से स्थिति और भी बदतर हो गई है। फॉरन कंट्रीब्यूश (रेगुलेशन) एक्ट, जो भारत में संस्थाओं के लिए विदेशी दान को नियंत्रित करता है, में बदलाव किए गए हैं।

भारत में मुस्लिम अभिनेताओं, मानवाधिकार वकील, कार्यकर्ता, प्रदर्शनकारी, शिक्षाविद, पत्रकार, बुद्धिजीवी , जो सरकार के खिलाफ बोलते हैं, पर “तेजी से हमले” किए गए हैं।  मानवाधिकारों कार्यकर्ता प्रतिबंध, हिंसा, आपराधिक मानहानि, हिरासत और उत्पीड़न का सामना कर रहे हैं।

रिपोर्ट में पिछले साल जम्मू और कश्मीर में कथित मानवाधिकारों के उल्लंघन को उजागर किया गया है। जब केंद्र ने संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत राज्य के विशेष दर्जे को निरस्त कर दिया था। रिपोर्ट में सख्त टिप्पणी करते हुए कहा गया है कि कश्मीर का मामला बताता है कि औपचारिक लोकतांत्रिक ढांचे के भीतर नागरिकों के लिए स्पेस को पूरी तरह से कैसे मिटाया जा सकता है।

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