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अमृतसर: पाकिस्तान जाने वाले तीर्थयात्रियों के लिए सिखों के धार्मिक समूहों ने बड़ा फैसला किया है. धार्मिक समूह ने भविष्य में पाकिस्तान जाने वाले तीर्थ यात्राओं में अविवाहित महिला जिनकी उम्र 15 से 50 साल के बीच है और क्लीन शेव रखने वाले सिखों को शामिल नहीं किया जाएगा. बताया जा रहा है कि, अप्रैल में पाकिस्तान गए सिखों के जत्थे में शामिल दो तीर्थयात्रियों ने नियम तोड़े थे, जिसके मद्देनज़र समूह ने इस तरह का कदम उठाया है.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान की तीर्थयात्रा पर सिखों को ले जाने वाले ननकाना साहिब सिख तीर्थ यात्री जत्था, भाई मर्दाना यादगागी कीर्त दरबार सोसाइटी, सैन मियां मीर इंटरनैशनल फाउंडेशन, हरियाणा गुरधाम कमिटी, खालरा मिशन कमिटी और जम्मू-कश्मीर सिख यात्रा कमिटी ने इस मामले पर मीटिंग करने के बाद इस फैसले की घोषणा की है.

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टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, सिखों को पाकिस्तान की तीर्थयात्रा पर ले जाने वाले ननकाना साहिब सिख तीर्थ यात्री जत्था के अध्यक्ष स्वर्ण सिंह गिल ने हमारे सहयोगी ने बताया कि, 8 जून को गुरु अर्जन देव के शहीद दिवस पर दो सिख जत्थे पाकिस्तान जा रहे हैं. वहीँ इसी महीने में महाराजा रंजीत सिंह की भी पुण्यतिथि है. पाकिस्तान के शरणार्थी संपत्ति ट्रस्ट बोर्ड ने हमें पहले बता दिया है कि अविवाहित महिलाओं और गैर-सिखों को जत्थे में शामिल नहीं होंगे.

वहीँ अप्रैल में बैसाखी के मौके पर पाकिस्तान गए जत्थे में शामिल एक सिख महिला किरण बाला ने पाकिस्तानी शख्स से शादी कर इस्लाम कबूल कर लिया था. एक और तीर्थयात्री अमरजीत बीच यात्रा से ही गायब हो गए थे. बाद में अमरजीत को भारत भेज दिया गया था. इन मामलों को मद्देनज़र रखते हुए भी यह फैसला लिया गया है.

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