मोदी के आर्थिक सलाहकार का खुलासा – भारत की अर्थव्यवस्था गहरे संकट की ओर

एनडीटीवी को दिए एक साक्षात्कार में, प्रधान मंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (पीएमईएसी) के सदस्य और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक फाइनेंस एंड पॉलिसी के निदेशक रथिन रॉय ने कहा कि भारत एक संरचनात्मक संकट की ओर जा सकता है।

उनके हिसाब से भारत भी ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका जैसे धीमी गति के विकासशील देशों की राह पर चल पड़ा है। पीएम के आर्थिक सलाहकार ने कहा कि उनको डर है कि आर्थिक मंदी उसे घेर लेगी। रॉय का यह बयान ऐसे वक्त पर आया है, जब देश की अर्थव्यवस्था की सुस्ती पर सवाल उठने शुरू हुए हैं।

उन्होंने कहा कि भारत के दस करोड़ उपभोक्ता देश की विकास गाथा को सशक्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसका मतलब संक्षेप में हम दक्षिण कोरिया नहीं होंगे, हम चीन नहीं रहेंगे, हम ब्राजील की तरह बनेंगे। हम दक्षिण अफ्रीका होंगे। उन्होंने कहा कि दुनिया के इतिहास में देश मध्य आय के जाल से बचते रहे हैं, मगर जो एक बार फंसा तो फिर वह उबर नहीं सका है।

वित्त मंत्रालय की  मार्च 2019 की मासिक आर्थिक रिपोर्ट में भी यह बात कही गई थी कि भारत की अर्थव्यवस्था 2018-19 में थोड़ी धीमी हो गई। मंदी के लिए जिम्मेदार अनुमानित कारकों में निजी खपत में गिरावट, निश्चित निवेश में मामूली वृद्धि और मौन निर्यात शामिल है। रथिन रॉय ने आगाह करते हुए कहा कि अर्थव्यवस्था के लिए जोखिम बहुत गहरा है।

जेएम फाइनेंशियल ने भी कहा है, “हमने ऑटो सेक्टर के लिए पहले ही अपने अनुमान में कटौती की है और खाद्य पदार्थों की आय में कटौती देख रहे हैं। हमारी राय में वित्त वर्ष 2020 में विशुद्ध ग्रामीण क्षेत्र का प्रदर्शन मंद रहेगा।”

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