Tuesday, August 3, 2021

 

 

 

भारत-ऑस्ट्रेलिया में हुई डील – अब दोनों कर सकेंगे एक-दूसरे के मिलिट्री बेस का प्रयोग

- Advertisement -
- Advertisement -

नई दिल्‍ली : भारत और ऑस्‍ट्रेलिया के प्रधानमंत्रियों ने गुरुवार को ऑनलाइन माध्‍यम से द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की। इस दौरान दोनों देशों ने आपसी संबंधों को और मजबूत बनाने पर जोर दिया। इस वर्चुअल समिट में दोनों देशों ने एक बड़ी डील पर हस्ताक्षर किए। इस डील के तहत अब दोनों देश एक दूसरे के मिलिट्री बेस का इस्तेमाल कर सकेंगे।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों के बीच जो अहम समझौते हुए हुए हैं, उनमें एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों और साजो-सामान तक पहुंच से संबंधित ऐतिहासिक समझौता भी शामिल है। पीएम मोदी और स्‍कॉट मॉरिसन के बीच हुए ऑनलाइन द्विपक्षीय शिखर सम्‍मेलन के बाद जारी संयुक्‍त बयान में कहा गया कि दोनों पक्षों ने साझा रक्षा चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए रक्षा सहयोग बढ़ाने और सैन्‍याभ्‍यास सहित अन्‍य गतिविधियों को बढ़ावा देने पर सहमति जताई।

वहीं बैठक का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने इसे ‘‘भारत आस्ट्रेलिया गठजोड़ का एक नया मॉडल’’ और कारोबार करने का भी नया मॉडल बताया। मोदी ने कहा, ‘‘ इस कठिन समय में आपने ऑस्ट्रेलिया में भारतीय समुदाय का, और ख़ास तौर पर भारतीय छात्रों का, जिस तरह ध्यान रखा है, उसके लिए मैं विशेष रूप से आभारी हूँ।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ हमारी सरकार ने इस संकट को एक अवसर की तरह देखने का निर्णय लिया है। भारत में लगभग सभी क्षेत्रों में व्यापक सुधार की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। बहुत जल्द ही जमीनी स्तर पर इसके परिणाम देखने को मिलेंगे। ’’ मोदी ने कहा कि उनका मानना है कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के संबंधों को और सशक्त करने के लिए यह उपयुक्त समय, उपयुक्त मौका है तथा अपनी दोस्ती को और मज़बूत बनाने के लिए हमारे पास असीम संभावनाएं हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘ कैसे हमारे संबंध अपने क्षेत्र के लिए और विश्व के लिए एक ‘स्थितरता का कारक’ बनें, कैसे हम मिल कर वैश्विक बेहतरी के लिए कार्य करें, इन सभी पहलुओं पर विचार की आवश्यकता है। ’’

भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच 7 समझौते, 2 घोषणाएं
1.
 दोनों देशों के बीच स्ट्रैटजिक पार्टरनशिप पर संयुक्त बयान। (घोषणा)
2. इंडो-पैसिफिक में मैरीटाइम (समुद्री) सहयोग पर संयुक्त बयान। (घोषणा)
3. साइबर और साइबर एनेबल्ड क्रिटिकल टेक्नोलॉजी सहयोग समझौता।
4. माइनिंग, क्रिटिकल मिनरल्स की प्रोसेसिंग के फील्ड में सहयोग का करार।
5. म्यूचुअल लॉजिस्टिक सपोर्ट के इंतजाम संबंधी दस्तावेज साइन।
6. डिफेंस साइंस और टेक्नोलॉजी में सहयोग के लिए दस्तावेज साइन।
7. पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन और गवर्नेंस रिफॉर्म के क्षेत्र में सहयोग के लिए समझौता।
8. वोकेशनल एजुकेशन और ट्रेनिंग में सहयोग के लिए करार।
9. वॉटर रिसोर्सेज मैनेजमेंट के लिए समझौता।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles