98776
source: Amar Ujala

आगरा में एक पुलिसकर्मी ने वह कर दिखाया जिससे हर कोई उनकी जाबाज़ी को सलाम कर रहा है. दरअसल इस जाबाज़ ने चार लोगों की जान बचाई है जिसके लिए इस जाबाज़ पुलिसकर्मी को वीरता पुरस्कार से नवाज़ा जाएगा.  इस बहादुर की आगरा के सिकंदरा थाने में तैनात सिपाही उम्मेद अली की पुलिस महकमे में ही नहीं, चारों ओर से तारीफ हो रही है.

वहीँ उत्तर प्रदेश के DGP ओपी सिंह ने उम्मेद अली को उनकी बहादुरी के लिए कमेंडेशन डिस्क से नावजने की घोषणा की है. साथ ही उम्मेद अली को ‘कॉप ऑफ द मंथ’ पुरस्कार से भी सम्मानित किया जाएगा. उम्मेद अली को यह अवॉर्ड और तारीफें चार लोगों को मौत के कुए से निकालकर उनकी जान बचाने के लिए अपनी जान दांव पर लगा देने के लिए उनकी बहादुरी और वीरता के लिए जाएगा.

अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, सिकंदरा के इंडस्ट्रियल एरिया में एक कार दुर्घटनाग्रस्त हो गहरे गंदे नाले में जा गिरी. कार में चार लोग सवार थे. एक प्रत्यक्षदर्शी ने सिपाही उम्मेद अली को इसकी सूचना दी. घटनास्थल से थोड़ी ही दूर चीता मोबाइल पर तैनात सिपाही उम्मेद अली घटना के बारे में सुन पैदल ही दौड़ पड़े.

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

तभी उम्मेद अली ने घटनास्थल पर पहुंचकर बिना वक़्त ज़ाया किये अपने कपड़े उतारे, एक रस्सी नाले में लटकाई और वहां मौजूद स्थानीय लोगों को रस्सी पकड़ा नाले में छलांग लगा दी. नाले में इंडस्ट्रीज का कचरा बहता है, जिससे नाले का पानी रसायनों के चलते जानलेवा है. उन्होंने नाले में प्राणघातक रसायनों, बदबू और दम घोंटने वाली गंदगी की परवाह न कर अपनी जान पर खेलकर उम्मेद अली ने नाले में डुबकी लगा दी. उन्होंने ईंट से कार का शीशा तोड़कर दो युवकों और दो युवतियों को रस्सी के सहारे नाले से बाहर निकाला.


कोहराम न्यूज़ को मिली जानकारी के मुताबिक, इस वक़्त उम्मेद अली की मदद के लिए पुलिस नहीं पहुंच सकी थी. उम्मेद अली की हिम्मत देख स्थानीय लोगों ने उनकी मदद की. उम्मेद अली एक-एक कर कार से घायलों को बाहर निकाल रहे थे. वहां मौजूद लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया.

दुःख इस बात का रहा कि हादसे के शिकार चारों लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी. उल्टे सिपाही उम्मेद अली की भी तबीयत बिगड़ गई. सिकंदरा थाने के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि उम्मेद अली का नाम उनकी बहादुरी के लिए अवॉर्ड के लिए भेजा जाएगा, क्योंकि उन्होंने वीरता भरा काम किया है.

इसी दौरान प्रदेश के नवनियुक्त डीजीपी ने भी ट्वीट कर उम्मेद अली को कमेंडेशन डिस्क दिए जाने की घोषणा की है. उधर नाले की गंदगी और खतरनाक रसायनों से बिगड़ी उम्मेद अली को भी अस्पताल में भर्ती करना पड़ा, जहां बुधवार की देर रात उनकी सेहत में सुधार हुआ. आपको बता दें कि,पुलिस ने घटना में मृत चारों व्यक्तियों की पहचान बोदला निवासी 20 वर्षीय प्रमोद मिश्रा, सेक्टर 1 निवासी 23 वर्षीय गौरव वर्मा, बोदला निवासी ज्योति और महर्षिपुरम निवासी साक्षी कुशवाहा के रूप में की है. चारों बीए फाइनल ईयर के स्टूडेंट थे.