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छत्तीसगढ़ के बस्तर डिवीजन में 160 किलोमीटर दूर एक और अस्पताल में स्थानांतरित होने पर पांच वर्षीय बच्ची टोयनार गांव की निवासी की मौत हो गई, क्योंकि उसके वेंटिलेटर से जुड़े ऑक्सीजन सिलेंडर ऑक्सीजन खत्म हो गयी.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बीजापुर के चीफ मेडिकल और हेल्थ ऑफिसर डॉक्टर बीआर पुजारी ने बताया कि यह घटना उस वक्त हुई जब निमोनिया से बेहद गंभीर हालत में वेंटिलेटर पर बुलबुल कुदियम को बीजापुर जिला अस्पताल से बस्तर जिले के जगदलपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल शिफ्ट किया जा रहा था.

पीटीआई से बात क्र्नते हुए डॉक्टर पुजारी ने बताया कि टोयनार गांव की रहनेवाली कुदियम माटवाड़ा गांव के पास स्थित आश्रम स्कूल में बीमार पड़ गई और उसे बीजापुर जिला अस्पताल में 22 अगस्त को भर्ती कराया गया. अब बच्ची हालत बेहद नाज़ुक थी इसलिए उसे दुसरे अस्पताल में ले जाया जा रहा था.

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उन्होंने बताया कि रविवार की शाम को उसकी स्थिति बेहद नाजुक देखने के बाद यह फैसला किया गया कि उसे बीजापुर से करीब 160 किलोमीटर दूर जगदलपुर में शिफ्ट किया जाए. डॉक्टर पुजारी ने बताया कि एंबुलेंस के बस्तर के टोकपाल गांव पहुंचने से पहले ही सिलिंडर में ऑक्सीजन खत्म हो गई थी और जगदलपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डॉक्टरों के पहुंचने से पहले ही बच्ची की मौत हो गयी.

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