Thursday, August 5, 2021

 

 

 

25000 में दर्शन देने वाले ‘कल्क‍ि भगवान’ के आश्रम पर आयकर का छापा

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हैदराबाद। खुद को ‘कल्क‍ि भगवान’ बताने वाले विजय कुमार नायडू के आश्रमों पर इनकम टैक्स ड‍िपार्टमेंट की रेड गुरुवार को दूसरे द‍िन भी जारी रही।

तम‍िलनाडु, तेलंगाना, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में फ़ेले आश्रमों पर आयकर विभाग छापेमारी कर रहा है। ‘कल्क‍ि भगवान’ के 40 ठ‍िकानों पर रेड चल रही है ज‍िनमें उनके नाम पर बनी एक यून‍िवर्सिटी और एक आध्यात्मिक स्कूल शाम‍िल है।

वहीं चेन्नई के नुंगंबाकम के मुख्य कार्यालय में कल्कि भगवान के बेटे कृष्णा और बहू प्रीति से आईटी अधिकारी पूछताछ कर रहे हैं। दूसरी तरफ चित्तूर जिले के वरदय्यापालेम, बीएन. एंड्रिगा मंडलों में स्थित ऑश्रमों के ट्रस्ट के संचालक लोकेश दासोजी के साथ कुछ अन्य लोगों से गोपनीय स्थल पर पूछताछ की जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, आश्रम के ऊपर जमीनों को हड़पने और कर चोरी के आरोप हैं। छापों में सैकड़ों करोड़ की अवैध संपत्ति का पता चला है। एलआईसी में क्लर्क के रूप में अपने करियर की शुरूआत करने वाले विजय कुमार नायडू उर्फ कल्कि भगवान ने बाद में नौकरी छोड़कर एक शिक्षण संस्थान की स्थापना की। परंतु शिक्षण संस्थान का दिवालिया उठ गया तो वह भूमिगत हो गया।

विष्णुमूर्ति के दसवें अवतार कल्कि भगवान बताते हुए विजय कुमार 1989 में फिर से चित्तूर में प्रकट हुआ। तत्पश्चात उन्होंने अपने ऑश्रम के कार्यकलापों का विस्तार आंध्र प्रदेश सहित तमिलनाडू में किया।

कल्कि भगवान अपने और पत्नी पद्मावती को दैव स्वरूप बताते थे। इन ऑश्रमों में देश के धनी लोगों के अलावा विदेशी और एनआरआई की कतारें लगती थी। कल्कि भगवान के साधारण दर्शन के लिए 5 हजार और विशेष दर्शन के लिए 25 हजार रुपए देने पड़ते थे।

‘कल्कि भगवान’ के साथ उनके बेटे कृष्णा के खिलाफ सैकड़ों एकड़ जमीनों पर कब्जा कर रियल एस्टेट कारोबार करने की शिकायत के बाद 2010 में आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने मामले की जांच के आदेश दिए थे।

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