सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मामलें में बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी की उस याचिका को खारिज कर दिया हैं. जिसमे उन्होंने इस मामलें में शीर्ष अदालत से रोजाना सुनवाई की मांग की थी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अदालत दोनों पक्षकारों को और समय देना चाहती है.

बाबरी मस्जिद के पक्षकार  वकील जफरयाब जिलानी ने इस दौरान कहा कि स्वामी कोई पार्टी नहीं हैं, मामले का फैसला सुप्रीम कोर्ट को ही करने दें. उन्होंने कहा कि किसी तीसरे व्यक्ति के कहने पर जल्द सुनवाई नहीं हो सकती, यह एक बड़ा फैसला है.जिस पर कोर्ट ने स्वामी को इस मामलें में पक्षकार मानने से भी इनकार कर दिया.

कोर्ट ने हा कि ”हम नहीं जानते थे कि इस मामले में आप भी एक पक्ष हैं.” सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने स्‍वामी से पूछा कि ”मामले में आप किस अधिकार से अदालत के समक्ष उपस्थित हुए हैं? हमारे पास अभी आपको सुनने के लिए समय नहीं है.”

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दूसरी तरफ, स्‍वामी ने ट्वीट कर कहा कि वह जल्‍द ही दूसरा रास्‍ता अख्तियार करेंगे. उन्‍होंने लिखा, “जजों ने कहा कि उनके पास समय नहीं है और मामले को स्‍थगित कर दिया. दूसरे शब्‍दों में कहूं तो जो फैसला टालना चाहते थे, वे सफल हो गए. मैं जल्‍द दूसरा रास्‍ता निकालूंगा.”

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