सोमवार को जामिया मिलिया इस्लामिया के इस्लामी अध्ययन विभाग के ‘सह-अस्तित्व, सहिष्णुता एवं सर्वधर्म समभाव’ नामक प्रोजेक्ट तहत संगोष्ठी का आयोजन किया गया. ये प्रोजेक्ट ब्रिटिश उच्चायोग की मदद से चलाया जा रहा हैं.

इस दौरान ब्रिटिश उच्चायोग के ‘मिनिस्टर काउंसलर’ एंड्रयू सोपर ने कहा, ‘ब्रिटेन विविधाओं से भरा देश है और इसी तरह भारत भी बहुत विविध देश है. दोनों देशों में सामाजिक रूप से कई समानताएं हैं. कुछ मुद्दे हो सकते हैं, लेकिन उनका हल निकल जाता है. यही बातें दोनों देशों के रिश्तों को काफी अहम बनाती हैं.’ उन्होंने कहा, ‘ब्रिटेन भारत के साथ अपने संबंधों को बहुत महत्व देता है. जामिया की तरफ से चल रहे इस प्रोजेक्ट की तरह दूसरे कदमों को ब्रिटिश सरकार पूरी मदद देती रहेगी.’

वहीँ जामिया मिलिया इस्लामिया के कुलपति प्रोफेसर तलत अहमद ने कहा, ‘हमारा समाज बहुत जटिल है. कुछ परेशानियां भी पैदा होती है, लेकिन वो दूर हो जाती है. हमारे देश में आमतौर पर शांति और सद्भाव है. ऐसा सामाजिक भाईचारा दुनिया में बहुत कम देशों में देखने को मिलता है. मुझे खुशी है कि जामिया सामाजिक सद्भाव बढ़ाने में योगदान दे रहा है.’

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इस्लामी अध्ययन विभाग के प्रोफेसर और प्रोजेक्ट निदेशक जुनैद हारिस ने कहा, ‘स्नातक और स्नातकोत्तर के छात्रों को सभी धर्मों के बारे में जानकारी देने का हमारा यह प्रोजेक्ट कई मायनो में महत्वपूर्ण है. हमारे यहां विभिन्न धर्मों, वर्गों और मान्यताओं वाले लोग रहते हैं. सभी मिलजुलकर रहते हैं। यह पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल है. बच्चों को सर्वधर्म समभाव वाली भावना से अवगत कराना और इन्हें इसके महत्व से अवगत कराने का हमारा प्रयास जारी रहेगा.’

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