लंबे समय से बीमार चल रहे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का गुरुवार को निधन हो गया। वे 11 जून से दिल्ली के एम्स में भर्ती थे। वाजपेयी ने शाम 5.05 बजे अंतिम सांस ली। उनके निधन से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है।

उनके निधन पर जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी दुख प्रकट किया है। उन्होने कहा कि वाजपेयी साहब नेकदिल इंसान थे, मैं उनको बेहतरीन शख्सियत के तौर पर देखता हूं। वह हिंदू-मुसलमान के बीच भाईचारे को पसंद करते थे।

बुखारी ने बताया कि अगर कोई हिंदू-मुसलमान के बीच दूरियों की बात करता था तो वो अक्सर कहते थे कि ये देश के लिए अच्छा नहीं है। उन्होने कहा कि वाजपेयी 1977 में जामा मस्जिद आए थे। इस दौरान तमाम हालात पर उन्होंने बात की। तब से हमारे ताल्लुकात उनसे बेहद दोस्ताना रहे।

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उन्होने बताया, अक्सर उनसे मैं मुलाकातें किया करता था। कभी-कभी वाजपेयी साहब मुझे फोन करके बुला भी लिया करते थे। उन्होने कहा, मुझे याद है जब वो प्राइम मिनिस्टर थे, तब मैंने उनसे कश्मीर के बिगड़े हालात में बात की। उस वक्त रमजान भी करीब था। सीजफायर की बात की।

उस दरम्यान उन्होंने मुझे भी कश्मीर में अमन चैन के लिए कोशिश करने को कहा। हमने कोशिश की और उन्होंने भी पूरा साथ दिया।

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