sambit shafruddin

असम के NRC पर लगातार विवाद जारी है। बीजेपी इसे हिन्दू-मुसलमान का मुद्दा बनाकर आने वाले चुनावों को जीतना चाहती है। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने राजसमंद में रैली कर इस की शुरुआत भी करी दी है। वहीं दूसरी और कुछ मीडिया चैनल इस मुद्दे पर टीआरपी बनाने मे लगे है।

समाचार चेनल न्यूज 18 इंडिया पर इस मुद्दे पर बहस के दौरान जाकिर नाइक की संस्था इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन के सदस्य जुड़े इलियास शराफुद्दीन एनआरसी ड्राफ्ट पर सवाल उठाए और इसका विरोध किया। जिसे बीजेपी के प्रवक्ता संबित पात्रा नहीं झेल पाये।

इलियास शराफुद्दीन ने कहा, “भारत का दिल इतना बड़ा है कि 4 हजार साल पहले संबित पात्रा के पूर्वज आए थे उनको भी…घुसपैठियों को रख लिया यहां…उसके बाद तिब्बतियन आए…वो घुसपैठियों को रख लिया यहां…उसके बाद पाकिस्तान के हिन्दू आए वो घुसपैठियों को भी राजस्थान में रख लिया…अब चंद मुसलमान आए…तो इतना बड़ा बावेला मचा दे रही है बीजेपी-आरएसएस…।”

उन्होंने आगे कहा, “जब आप सबको सह रहे हैं, तो थोड़े मुसलमानों को भी सह लो…।” इस पर एंकर ने कहा कि क्या ये धर्मशाला है। इलियास शराफुद्दीन एक बार फिर भड़के और जवाब दिया, “धर्मशाला नहीं, हिन्दुस्तान का इतना बड़ा दिल है कि सबको बर्दाश्त कर रहा है…क्या ब्रह्माणों के लिए धर्मशाला नहीं थी…जब संबित पात्रा के पूर्वज आए थे यहां तो धर्मशाला नहीं थी…।”

इस नेता पर जब एंकर ने जहर उगलने का आरोप लगाया तो उन्होंने कहा कि ये जहर नहीं जवाब है…।” IRF प्रवक्ता इलियास शराफुद्दीन ने कहा कि आर्यन का भारत में आना दुख की बात है…ब्रह्माण आर्यन हैं और देश में आग लगा रहे हैं संबित पात्रा जैसे लोग।”

इलियास शराफुद्दीन ने कहा, “कोई भी परेशानी में भारत आया…चाहे वो किसी भी धर्म का हो…तो भारत ने उसे अपने गोद में बिठा लिया, संबित पात्रा के बाप-दादा आए तो बिठा लिया…तिब्बतियन आए तो बिठा लिया…तो चंद मुसलमान आए तो प्रॉब्लम क्या है।”

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