नागपुर | दिल्ली की जवाहर लाल नेहरु यूनिवर्सिटी में पिछले साल राष्ट्रविरोधी नारे लगने के बाद, सुर्खियों में आये कन्हैया कुमार ने देश के माहौल पर तंज कसते हुए कहा की अब तो पतंजली का फेसवाश नही लगाने पर भी राष्ट्रविरोधी करार दिए जा सकते है. मालूम हो की कन्हैया को पिछले साल देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार कर तिहाड़ जेल भेज दिया गया था. इसके बाद से वो लगातार मोदी सरकार के खिलाफ मुखर होकर बोल रहे है.

गुरुवार को बाबा साहब आंबेडकर की जयंती से ठीक एक दिन पहले अपनी किताब ‘बिहार से तिहाड़’ के मराठी संस्करण का विमोचन करते हुए कन्हैया कुमार ने मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने नागपुर में हुए इस कार्यक्रम में कहा की बाबा साहब ने जो संविधान बनाया था उसमे हर समाज के व्यक्ति को आजादी के कई अधिकार दिए गए थे.

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कन्हैया ने आगे कहा की लेकिन क्या सभी समुदाय को आजादी से जीने का अधिकार मिला. आज भी देश के सबसे बड़े तबको को कई अधिकार प्राप्त नही है. उनको अभी तक संविधान में निहित आजादी नही मिली है. इसलिए गरीब, दलित, पिछड़ा, महिला, आदिवासी , अल्पसंख्यक और यहाँ तक की बुद्धिजीवी समाज का भी एक बड़ा तबका आज भय के माहौल में जी रहा है.

कन्हैया ने मोदी सरकार पर तंज कसते हुए कहा की फ़िलहाल समाज में इतना भय की पतंजली का फेसवाश नही लगाने पर भी उनको राष्ट्रविरोधी करार दिया जा सकता है. कन्हैया ने पंजाब यूनिवर्सिटी में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का जिक्र करते हुए कहा की वहां बढ़ी हुई फीस का विरोध करने पर 68 छात्रों के खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मुकदमा कर दिया. अब देश का ऐसा माहौल है की बढ़ी फीस का विरोध करने पर राष्ट्रद्रोही घोषित कर दिए जाओंगे.

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