नई दिल्ली: नागरिकता संशोधन बिल के लोकसभा में पारित होने के बाद आज यानि बुधवार को राज्यसभा में पेश किया जाएगा। सड़क से लेकर संसद में जारी विरोध के बीच राज्यसभा में बुधवार को विवादित नागरिकता संशोधन बिल पर 2 बजे चर्चा शुरू होगी।

इसी बीच पूर्व आईएएस अफसर हर्ष मंदर समेत कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सिटिजनशिप अमेंडमेंट बिल के खिलाफ देशवासियों से सविनय अवज्ञा आंदोलन छेड़ने की अपील की है।  इन कार्यकर्ताओं का कहना है कि सिटिजनशिप अमेंडमेंट बिल और एनआरसी ध्रुवीकरण की कोशिश है।

हर्ष मंदर ने ट्वीट किया, ‘यदि नागरिकता संशोधन विधेयक पारित हो गया, मैं नागरिक अवज्ञा आन्दोलन शुरू कर दूँगा। मैं अपने आप को मुसलमान के रूप में पंजीकृत करवा लूँगा। मैं एनआरसी के पास अपना कोई काग़ज़ जमा नहीं करूँगा। दस्तावेज़ न होने की वजह से किसी भी मुसलमान को जो सज़ा दी जा सकती है, मसलन, डीटेंशन सेंटर में भेजना या नागरिकता रद्द कर देना, मैं उसकी माँग करूँगा। इस नागरकि अवज्ञा आन्दोलन में आप भी शामिल हों।’

वहीं सीनियर जर्नलिस्ट निखिल वागले ने हर्ष मंदर की सविनय अवज्ञा आंदोलन की अपील का समर्थन किया है और ट्वीट करते हुए लिखा है कि मैं आपकी इस अपील से सहमत हूं। मैं नास्तिक हूं इसलिए कोई धर्म नहीं अपनाऊंगा। एक नागरिक के तौर पर मैं सिटिजनशिप अमेंडमेंट बिल और एनआरसी के खिलाफ अपनी लड़ाई लड़ूंगा।

इसके अलावा पूर्व आईएएस अफसर एस शशिकांत सेंथिल ने कहा कि मैं एनआरसी को मंजूर करने से इनकार करता हूं। इसलिए मैंने अपनी नागरिकता को साबित करने के लिए जरूरी दस्तावेज जमा न करने का फैसला किया है। अपनी सविनय अवज्ञा के खिलाफ कोई भी सजा भुगतने के लिए मैं तैयार हूं। उन्होंने लिखा है कि अगर सरकार ने मुझे गैर नागरिक घोषित कया तो मैं देश भर में बनाए जा रहे डिटेंशन सेंटर में जाने के लिए तैयार हूं। सेंथिल ने कश्मीर में आर्टिकल 370 हटाए जाने के खिलाफ इस्तीफा दे दिया था।

बता दें कि सोमवार को नागरिकता संशोधन विधेयक लोकसभा में पास हो गया। लंबी बहस के बाद विधेयक को लेकर वोटिंग हुई। विधेयक के पक्ष में 311 वोट पड़े, जबकि 80 सांसदों ने इसके विरोध में मतदान किया। विधेयक में अफ़ग़ानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश के हिंदू, पारसी, सिख, बौद्ध, जैन और ईसाई प्रवासियों को भारत की नागरिकता देने का प्रावधान है। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने इस विधेयक की आलोचना की है और इसे संविधान की मूल भावना के ख़िलाफ़ बताया है।

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