Thursday, September 23, 2021

 

 

 

भारत को अगर वैश्विक शक्ति बनना है तो छोड़ना होगा मुस्लिम विरोधी रुख: पूर्व चीफ जस्टिस

- Advertisement -
- Advertisement -

भारत के पूर्व प्रधान न्यायाधीश जगदीश सिंह खेहर ने गुरुवार को केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए देश में चल रही हिंदुत्व की राजनीति की तीखी आलोचना की. उन्होंने कहा, भारत को अगर वैश्विक शक्ति बनना है तो देश में अपनाए जा रहे मुस्लिम विरोधी रुख को छोड़ना होगा.

24वें लाल बहादुर शास्त्री मेमोरियल लेक्चर में खेहर ने कहा, “भारत वैश्विक शक्ति बनने की आकांक्षा रखता है.वैश्विक परिदृश्य में अगर आप मुस्लिम देशों के साथ मित्रता का हाथ बढ़ाना चाहते हैं तो आप वापस अपने देश में मुस्लिम विरोधी नहीं बन सकते. अगर आप ईसाई देशों के साथ मजबूत संबंध चाहते हैं तो आप ईसाई-विरोधी नहीं बन सकते.

उन्होंने कहा, “आज जो कुछ हो रहा है, वह भारत के हित में नहीं है, खासतौर से अगर हम सांप्रदायिक मानसिकता प्रदर्शित कर रहे हैं तो वह ठीक नहीं है.” पूर्व चीफ जस्टिस ने विभाजन का हवाला देते हुए कहा कि भारत ने जान-बूझकर 1947 में धर्म-निरपेक्षता को चुना था, जबकि पड़ोसी देश पाकिस्तान ने इस्लामिक रिपब्लिक बनने का फैसला लिया. इस अंतर को समझा जाना चाहिए.

पूर्व प्रधान न्यायाधीश ने शास्त्री के जीवन से संबंधित एक आदर्श के रूप में धर्म निरपेक्षता के महत्व को रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान सफलतापूर्वक देश के नेतृत्व करने वाले भारत के दूसरे प्रधानमंत्री कहा करते थे कि भारत धर्म को राजनीति में शामिल नहीं करता है.

उन्होंने कहा, “शास्त्री ने एक बार देखा कि हमारे देश की खासियत है कि हमारे देश में हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, सिख, पारसी और अन्य धर्मो के लोग रहते हैं. हमारे यहां मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा और गिरजाघर हैं. लेकिन हम इन सबको राजनीति में नहीं लाते हैं . जहां तक राजनीति का सवाल है, हम उसी प्रकार भारतीय हैं जिस प्रकार अन्य लोग .”

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles