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देवबंद. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन के चलते देवबंदी उलेमा मौलाना अब्दुल लतीफ कासमी के सादगी से ईद मनाने की अपील का असर देखा गया। देवबंद मसलक के लोग ईद पर खुशी का इज़हार नहीं किया।

बता दें कि देवबंदी आलिम और मदरसा दारुलउलूम निशवा के मोहतमिम मौलाना अब्दुल लतीफ कासमी ने अपील की थी कि सभी मुसलमान भाई इस गम के माहौल में ईद-उल-अजहा पर कोई भी ऐसा काम न करें, जिससे यह महसूस हो कि जश्न मनाया जा रहा है।

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उन्होंने कहा था कि हमारे वज़ीर-ए-आजम अटल बिहारी वाजपेयी का निधन हुआ है। इसलिए सभी मुसलमान भाई पूरी सादगी के साथ ईद-उल-अजहा का त्यौहार मनाए और भारतवासियों का ख्याल रखा जाए। पूरा भारत इस वक्त पूर्व पीएम वाजपेयी मौत के गम में डूबा हुआ है, लिहाजा मुसलमानों को भी अपने हम वतन भाइयों का ख्याल रखना चाहिए।

उन्होंने कहा था कि वाजपेयी एक ऐसी सख्सियत थे, जिन्हें हर समाज, हर तब्का और हर धर्म के लोग पसंद करते थे। उनके निधन पर सभी भारत वासी गमगीन हैं। हमारा कौमी झंडा भी झुका हुआ है और जब तक हमारा कौमी झंडा झुका हुआ है, तब तक मुसलमानों को कुछ भी ऐसी नहीं करना चाहिए जिससे ये लगे कि मुसलमान जश्न मना रहे हैं।

इससे पहले दिवंगत पूर्व पीएम अटल बिहारी बाजपेई के संसदीय क्षेत्र लखनऊ के शिया उलेमा ने कहा था कि मुस्लिम भाइयों से अपील है कि ईद-उल-अजहा को सादगी से मनाएं, क्योंकि अटल बिहारी वाजपेयी के शोक में हमारा राष्ट्रिय ध्वज आधा झुका हुआ है। उन्होंने कहा कि मुसलमान भाई नमाज पढ़ें, कुर्बानी दें पर जश्न न मनाएं।

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