कुलभूषण जाधव केस में भारत के पक्ष में फैसला, इमरान बोले – पाकिस्तान की जनता के खिलाफ…

11:25 am Published by:-Hindi News

अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत (आईसीजे) ने बुधवार को पाकिस्तान को भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को सुनाई गयी फांसी की सजा पर प्रभावी तरीके से फिर से विचार करने और राजनयिक पहुंच प्रदान करने का आदेश दिया।

आईसीजे के अध्यक्ष जज अब्दुलकवी अहमद यूसुफ की अगुआई वाली 16 सदस्यीय बेंच ने 15-1 के बहुमत से पाकिस्तान को जाधव को सुनाई गई सजा की समीक्षा का आदेश दिया। कुलभूषण जाधव केस में भारत के प्रमुख वकील हरीश साल्वे ने बुधवार को कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय अदालत (ICJ) के फैसले से बहुत खुश हैं।

उन्होंने लंदन में भारतीय उच्चायोग में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बताया कि आईसीजे के फैसले में जाधव की सजा की कारगर समीक्षा और उस पर पुनर्विचार करने को कहा गया है। इससे स्पष्ट है कि उन्हें कॉन्सुलर एक्सेस मिलेगी। कारण कि पाकिस्तान ने वियना संधि का उल्लंघन किया था।

लंदन में मीडिया को संबोधित करते हुए साल्वे ने कहा कि हमारे लिए यह सुनिश्चित करने का वक्त है कि जाधव के मामले में अब निष्पक्ष सुनवाई होगी। यदि पाकिस्तान अभी भी इस मामले में निष्पक्ष सुनवाई नहीं करता है, तो हम एक बार फिर से आईसीजे जा सकते हैं। अगर पाकिस्तानी कोर्ट सैन्य कोर्ट में ही दोबारा जांच कराता है तो इसकी इजाजत हम नहीं दे सकते। ऐसे में बाहरी वकील का प्रवेश नहीं होगा, जो कि न्याय के सिद्धांतों के विपरीत होगा।

साल्वे ने कहा, ‘एक वकील के तौर पर मैं बेहद संतुष्ट हूं। इस फैसले से मुझे राहत मिली है….कोर्ट ने कहा कि फांसी का कोई सवाल ही नहीं है…इसलिए मैं बहुत खुश हूं।’  उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने कोर्ट में जिन उपमाओं का इस्तेमाल किया है, उन्हें मैं व्यक्तिगत तौर पर उसे दुर्भाग्यपूर्ण मानता हूं।

वहीं  इस पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा कि पाकिस्तान कानून के हिसाब से काम करेगा। फैसले के अगले दिन इमरान खान ने ट्वीट करते हुए कहा, ‘इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (ICJ) के फैसले की सराहना करता हूं कि उन्होंने कमांडर कुलभूषण जाधव को बरी करने, रिहा करने और लौटाने का फैसला नहीं दिया। वह पाकिस्तान की जनता के खिलाफ अपराधों का गुनहगार है। पाकिस्तान कानून के मुताबिक आगे कार्यवाही करेगा।’

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