संघ प्रमुख मोहन भागवत ने राष्ट्रपति पद की दौड़ में शामिल नही होने से साफ़ इनकार कर दिया हैं. भागवत ने उन सभी मीडिया खबरों को नकार दिया जिसमे उनके राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार होने के बात कही गई.

भागवत ने कहा कि हम संघ में काम करते हैं हमे वहां जाना नही है और यदि इसका प्रस्ताव भी आता है तो स्वीकार नही करना है. उन्होंने कहा कि आरएसएस में शामिल होने के बाद मैंने बाकी सभी दरवाजे बंद कर दिए हैं. भागवत के बयान से साफ़ हो गया है कि वे किसी भी हाल में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार नही बनेगे.

याद रहे शिवसेना सासंद संजय राउत ने इस मामले को उठाते हुए कहा था कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बताया था.

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उन्होंने कहा था कि ह देश की सबसे ऊँची पोस्ट है. इसलिए इस पर कोई साफ़ छवि वाला शख्स ही चुना जाना चाहिए. हमने यह सुना है की राष्ट्रपति पद के लिए मोहन भागवत के नाम पर भी चर्चा हो रही है. यह सही है, अगर भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाना है तो भागवत राष्ट्रपति पद के लिए एक बेहतर विकल्प साबित होंगे.

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