भारत में अल्पसंख्यकों पर बढ़ती हिंसा को लेकर अंतराष्ट्रीय ह्यूमन राइट्स ग्रुप ह्यूमन राइट्स वाच ने चिंता जाहिर की हैं.

अंतराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्था ने कानून हाथ में लेकर अल्पसंख्यक समुदायों पर हमले करने और उनके मानवाधिकार हनन को लेकर देश में बिगड़ती हुई स्थिति पर अपना चिंता प्रकट की हैं. इसी के साथ केंद्र सरकार द्वारा नजीओ को विदेशी फंड रोके जाने की भी आलोचना की है.

रिपोर्ट में कहा गया कि जम्मू-कश्मीर में पिछले साल जुलाई में शुरु हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन के ”खिलाफ कार्रवाई” का जायजा लिया, जिसमे सरकार कश्मीर और अन्य राज्यों में पुलिस एवं सैनिकों की जवाबदेही सुनिश्चित करने और सशस्त्र बल को प्राप्त Armed Forces Special Powers Act को  निरस्त करने में भी विफल रही हैं.

रिपोर्ट में केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा गया कि केंद्र में सरकार चला रही भारतीय जनता पार्टी अपने हाथ में कानून लेकर धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हमलों और प्रताड़ना को अंजाम देने वालों को रोकने में नाकाम रही है.

ह्यूमन राइट्स वाच की दक्षिण एशिया निदेशक मीनाक्षी गांगुली ने कहा, ‘‘नागरिक समाज समूहों पर भारत की कार्रवाई से देश में जन आंदोलनों की समृद्ध परंपरा को खतरा पैदा हुआ है.’’