Sunday, August 1, 2021

 

 

 

भड़काऊ हैशटैग से जुड़ी याचिका पर बोले सीजेआई – इसमें अदालत क्या कर सकती है?

- Advertisement -
- Advertisement -

भड़काऊ ट्विटर हैशटैग को रोकने के लिए लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एसए बोवडे ने कहा कि हम इस पर क्या आदेश दे सकते हैं? कल कोई कहेगा कि फोन पर लोग गलत बात कहते हैं, एमटीएनएल को इसे रोकने का आदेश दीजिए। कोर्ट कैसे रोक सकती है।

CJI ने कहा कि ये तो ऐसे हो गया है कि लोग फोन पर गलत बात बोल रहे हैं तो MTNL से इसे रोकने को कहा जाए।  हम ऐसा कोई निर्देश जारी नहीं कर सकते। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता और वकील खाजा ऐजाजुद्दीन ने कहा कि कम से कम ट्विटर को भड़काऊ हैशटैग न स्वीकार करने का निर्देश दिया जाए। सुप्रीम कोर्ट को भी ऐसे दिशा-निर्देश जारी करने का अधिकार है।

बता दें कि बीते दिनों तबलीगी जमात का कोरोना कनेक्शन सामने आने के बाद ट्विटर पर कई विवादित हैशटैग चलाए गए थे। इसके खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी, लेकिन वहां से याचिका खारिज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करके भड़काऊ हैशटैग को रोकने की मांग की गई थी।

बीते दिनों तबलीगी जमात का कोरोना कनेक्शन सामने आने के बाद ट्विटर पर कई हैशटैग चलाए गए थे। इसके खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी, लेकिन वहां से याचिका खारिज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करके भड़काऊ हैशटैग को रोकने की मांग की गई थी।

याचिकाकर्ता ने कहा कि कोरोना वायरस के लिए विशेष समुदाय को दोष देना डब्ल्यूएचओ की गाइडलाइन का उल्लंघन है, जिसमें कहा गया था कि किसी धर्म को महामारी से न जोड़ा जाए। देश के सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। इस कार्रवाई होनी चाहिए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles