केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दिल्ली सरकार के चौदह विधेयकों को वापस लौटा दिया है. मंत्रालय ने विधेयक लौटाने का कारण बताते हुए कहा कि विधेयक को मंजूरी देते समय आप सरकार ने उचित प्रक्रिया का पालन नही किया.

गृहमंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि दिल्ली सरकार ने बिना एलजी से राय लिए बिल को पास करवाया है. जिसमें नियमों की अनदेखी भी की गई हैं. दिल्ली सरकार के इस तर्क को भी गृह मंत्रालय ने खारिज कर दिया है कि विधेयकों को पारित कराने के बाद भी अनुमोदन लेने का नियम है।

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गोरतलब रहें कि दिल्ली एक केंद्रशासित क्षेत्र है, दिल्ली विधानसभा में किसी भी विधेयक को पारित करने से पहले मंजूरी के लिए केंद्र सरकार के पास भेजना होता है. केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने के बाद ही उसे विधानसभा की मंजूरी के लिए पेश किया जा सकता है.

विधानसभा में विधेयक पारित होने के बाद उसे उपराज्यपाल के पास और फिर राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए केंद्र सरकार के पास भेजना होता है. लेकिन इन 14 में से किसी भी विधेयक के लिए दिल्ली सरकार ने केंद्र सरकार से पूर्व मंजूरी नहीं ली और विधानसभा में सीधा विधेयक पारित करा लिए.