26 नवंबर 2008 को पूर्व आतंकवादी स्क्वॉड के पूर्व प्रमुख हेमंत करकरे ने पाकिस्तानी आतंकवादियों के खिलाफ अपनी जान दे दी थी। हालांकि उनके इस कृत्य ने साध्वी प्रज्ञा सिंह और लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित जैसे बम विस्फोट के आरोपी के समर्थकों से सम्मान अर्जित नहीं किया है. ऐसे में अभियुक्त को नायकों के रूप में पेश किया जा रहा है.

एक वीडियो क्लिप जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसमें लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित की पत्नी, श्रीमती अपर्णा पुरोहित एटीएस के अधिकारियों हेमंत करकरे, परम वीर सिंह और खानविलकर पर पुरोहित के शारीरिक शोषण के आरोप लगाती हैं। पुरोहित। हालांकि, इस तरह के आरोपों को अदालत में भी लगाया गया था, जो न्यायिक जांच में टिक नहीं पाए.

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इस वीडियो क्लिप का इस्तेमाल अब सहानुभूति बढ़ाने और हेमंत करकरे की छवि को खराब करने के लिए किया जा रहा है. ये वो लोग कर रहे है जो एटीएस में उनके अधीन काम करते थे. उन्ही में से एक राकेश दुबे कहता है कि हेमंत करकरे को अंत में वो मिला जो उनके लिए लायक था. वहीँ लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित निर्दोष के रूप में राष्ट्रीय नायक सामने आया.

दूसरा व्यक्ति, अखिल मिश्रा का कहना है, “हेमंत करकरे हिंदू विरोधी थे और उन्होंने हिंदू समुदाय को दूसरों की तरह नुकसान पहुंछाने की कोशिश की. कांग्रेस हिंदुओं को भारत के लिए सबसे बड़ा खतरा है. भगवान ने अपना न्याय किया और हमें इसके लिए भगवान का आभारी होना चाहिए.”

ए.के. झा ने अपनी टिप्पणी में कहा, “हेमंत करकरे गलत तरीके से नायक, एक शहीद के रूप में पेश किया गया है. जबकि सभी की मौत एक बंदूकधारी द्वारा गोली मार कर हुई है. इस काम के लिए उसे इनाम स्वरुप वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया था.”

हालांकि अंतरिम जमानत मिलने के बावजूद लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित को इस मामले में बरी नहीं किया गया है. उनके खिलाफ मुकदमा जारी रहेगा, लेकिन ऐसी रिपोर्टें फैलती जा रही हैं जैसे कि उन्हें इस मामले में बरी कर दिया गया है.

एक राजनीतिक टीकाकार ने कहा, “अब, जैसा कि सेना मुख्यालय को सुप्रीम कोर्ट के आदेश की प्रति प्राप्त होगी, वह जल्द ही एक सेना इकाई के साथ संलग्न हो जाएगा.

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