प्रख्यात अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि भारत ने सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था होने के बावजूद 2014 से ‘गलत दिशा में लम्बी छलांग’ लगाई है।

सेन ने कहा , ‘‘चीजें बहुत बुरी तरह खराब हुई हैं …2014 से इसने गलत दिशा में छलांग लगाई है. हम तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था में पीछे की तरफ जा रहे हैं।’’ प्रख्यात अर्थशास्त्री ने कहा, ‘‘बीस साल पहले, छह देशों भारत, नेपाल, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका एवं भूटान में से भारत का स्थान श्रीलंका के बाद दूसरे सबसे बेहतर देश के रूप में था.’’ उन्होंने कहा, ‘‘अब यह दूसरा सबसे खराब देश है. पाकिस्तान ने हमें सबसे खराब होने से बचा रखा है.’’

हिन्दुत्व पर अमर्त्य सेन ने कहा कि हिंदुत्व को लेकर पहचान की राजनीति बहुत घातक है। यह विचार लोकतंत्र, सिविल सोसाइटी और आर्थिक मुद्दों के लिहाज से बहुत खतरनाक है। अर्थशास्त्री ने कहा कि सरकार ने असमानता एवं जाति व्यवस्था के मुद्दों की अनदेखी कर रखी है तथा अनुसूचित जनजातियों को अलग रखा जा रहा है।

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मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि स्वाधीनता संघर्ष में यह मानना मुश्किल था कि हिन्दू पहचान के जरिये राजनीतिक लड़ाई जीती जा सकती है किन्तु अब तस्वीर बदल गयी है। उन्होंने कहा, ‘‘किंतु ऐसा हुआ है. यही कारण है कि इस समय विपक्षी एकता का पूरा मुद्दा इतना महत्वपूर्ण है।’’

सेन ने कहा, ‘‘यह एक प्रतिष्ठान के खिलाफ अन्य की लड़ाई नहीं है। ये मोदी बनाम राहुल गांधी की नहीं है। यह मुद्दा है कि भारत क्या है ? ’’