अयोध्या मामले में टाइटल सूट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने कारसेवकों के खिलाफ चलाए जा रहे सभी आपराधिक मुकदमों को वापस लेने की मांग की है।

हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चक्रपाणि महाराज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खत लिखा है. इसके साथ ही मारे गए कारसेवकों को शहीद का दर्जा देने और उनके परिजनों को आर्थिक मदद व सरकारी नौकरी देने की मांग की है।

12 नवंबर की तारीख वाले इस पत्र में कहा गया है कि अब जब यह साफ हो गया है कि अयोध्या में राम लला का मंदिर क्षेत्र अविवादित है। साथ ही उस पर बना गुम्बद भी एक मंदिर का शीर्ष था नाकि किसी अन्य धर्मस्थल का था। ऐसे में विवादित ढांचे को गिराने के आपराधिक मामले का सामना कर रहे राम भक्तों को इस आपराधिक मामले से मुक्त कर दिया जाना चाहिए।

चूंकि इन रामभक्तों ने बिना जाने-बूझे मंदिर के ही शिखर को नीचे गिरा दिया था। इसलिए मैं सरकार से अपील करता हूं कि वह कारसेवकों के खिलाफ जारी आपराधिक मामलों को वापस ले लें। चक्रपाणि ने 1990 में और अन्य समय पर कारसेवा के दौरान मारे गए कारसेवकों को शहीद का दर्जा दिया जाए।

30 अक्टूबर, 1990 को अयोध्या में तत्कालीन राज्य सरकार ने कारसेवा के दौरान कारसेवकों पर गोलियां चलवा दी थीं। इस घटना के खिलाफ देशभर में विरोध-प्रदर्शन हुए थे।

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