धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में गिरफ्तार कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ ने सोमवार को आदेश सुरक्षित रख लिया। ऐसे में फ़ारूक़ी को कुछ और दिन जेल में रहना होगा।

इस दौरान जस्टिस रोहित आर्य ने कहा, “लेकिन आप किसी और की धार्मिक भावनाओं का गलत फायदा क्यों उठाते हैं? आपकी विचारधारा के साथ क्या दिक्कत है? बिजनेस के लिए आप ऐसा कैसे कर सकते हैं?” कोर्ट ने कहा कि ‘ऐसे लोगों को बख्शा नहीं जाना चाहिए।’

बता दें कि फारूकी और चार अन्य स्टैंडअप कॉमेडियन को 1 जनवरी को इंदौर में नए साल के एक कार्यक्रम में कथित हिंदू देवताओं का अपमान करने और कोविड-19 प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल वह इंदौर जेल में बंद है।

मुनव्वर फ़ारूक़ी की तरफ़ से हाज़िर हुये वकील विवेक तन्खा ने कहा, “उन्होंने इस मामलें में कोई अपराध नहीं किया है। उसे ज़मानत दी जानी चाहिये।” इस पर न्यायमूर्ति रोहित आर्य ने कहा, “ऐसे लोगों को बख़्शा नहीं जाना चाहिए। योग्यता के आधार पर इस आदेश को सुरक्षित रखूंगा।”

पिछले हफ्ते, HC ने इस मामले में जमानत की सुनवाई स्थगित कर दी थी क्योंकि पुलिस ने केस डायरी पेश नहीं की थी। इससे पहले 5 जनवरी को, इंदौर के एक सत्र न्यायालय ने भी कॉमेडियन मुनव्वर फारुकी की जमानत अर्जी खारिज कर दिया था।