गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर हिस्सा लेने पहुंचे अबु धाबी के क्राउन प्रिंस शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हैदराबाद हाउस में जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान का यूएई प्रिंस का दिया हुआ आधिकारिक व्यक्तव्य उन्हें समझ में नहीं आया.

दरअसल, शेख मोहम्मद बिन जायद ने अपने व्यक्तव्य की शुरुआत इस्लामिक संस्कृति ‘अस्सलाम अलेकुम’ के करते हुए अरबी भाषा में की. करीब तीस मिनिट तक वे अरबी में बोलते रहे. जिसे वहां मौजद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कॉन्फ्रेंस रूम में मौजूद सभी लोगों के बीच सन्नाटा छाया रहा.

इसकी वजह का पता बाद में चला कि जिस शख्स को उनकी बातों का तर्जुमा करने के लिए नियुक्त किया गा था. वह ट्रैफिक जाम में फंस गया था. हालांकि रूम में मौजूद ज्यादातर लोग उनकी बातों को नहीं समज पाए, लेकिन जब उन्होंने अपनी बात खत्म की तो वहां मौजूद लोगों की तालियों की गड़गड़ाहट से रूम गूंज उठा.

अच्छी बात यह रही कि क्राउन प्रिंस ने अपनी बात खत्म करने के बाद भारतीय पक्ष को स्पीच का एक लिखित अनुवाद सौंपा.

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