जयपुर की विशेष अदालत द्वारा 11 अक्टूबर 2007 को विश्व प्रसिद्ध हजरत ख्वाजा गरीब नवाज़ की दरगाह में हुए बम विस्फोट मामलें में जयपुर की विशेष अदालत द्वारा दिए गए फैसले के खिलाफ अंजुमन सैयद जादगान के पूर्व सचिव व खादिम सैयद सरवर चिश्ती का पक्ष एनआईए की विशेष अदालत 24 अप्रैल को सुनेगी. इस बाबत सोमवार को नोटिस जारी किया गया हैं.

एनआईए के वकील अश्वनी भगत ने बताया कि एनआईए की ओर से जस्टिस दिनेश चंन्द गुप्ता की अदालत में पेश की गई इंद्रेश कुमार (आरएसएस पदाधिकारी), साध्वी प्रज्ञा, रमेश मालवंरकर और राजेंद्र के खिलाफ क्लोजर रिपोर्ट पर अंतिम निर्णय लेने से पहले शिकायतकर्ता सरवर चिश्ती का पक्ष जानने के लिए नोटिस जारी किया है.

अंजुमन सैयद जादगान के पूर्व सचिव व खादिम सैयद सरवर चिश्ती ने फैसले के बाद कहा कि न्होंने वर्ष 2007 में दरगाह में हुए बम ब्लास्ट मामले की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी. चिश्ती कोर्ट के आए फैसले के खिलाफ पहले ही अपील की बात कह चुके हैं.

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उन्होंने कहा था कि फैसले से सभी खादिम समुदाय और मुस्लिम वर्ग व्यथित है. इस मामले में स्वामी असीमानन्द सहित मुख्य आरोपियों को बरी कर दिया है, जबकि वर्ष 2011 तक उनके खिलाफ सभी सबूत सामने आए थे.

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