बाबरी मस्जिद केस में SC की 5 जजों की संविधान पीठ आज करेगी सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय नई संविधान पीठ पहली बार बाबरी मस्जिद केस में मंगलवार को सुनवाई करेगी. पीठ में चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस एमए बोबडे, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जुस्तुस अशोक भूषण व जस्टिस एस अब्दुल नजीर हैं. जस्टिस यूयू ललित के अलग होने के बाद नई पीठ बनाई गई है.

सुप्रीम कोर्ट की पीठ इलाहाबाद हाईकोर्ट के 2010 के फैसले के खिलाफ दायर 16 अपीलों पर सुनवाई कर रहा है. हाईकोर्ट ने अपने फैसले में अयोध्या में 2.77 एकड़ के इस विवादित स्थल को इस विवाद के तीनों पक्षकार सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और राम लला के बीच बांटने का आदेश दिया था. इसके साथ ही अयोध्या में 67 एकड जमीन के अधिग्रहण को चुनौती देने वाली याचिका पर भी सुनवाई होगी.

मामले के मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर जल्द फैसला देगा. इकबाल अंसारी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर किसी को एतराज नहीं होना चाहिए. दोनों पक्षों को सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करना चाहिए. वो खुद भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करेंगे.

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उन्होंने कहा कि मामले पर राजनीति नहीं होनी चाहिए. वहीं रामलला के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि 26 फरवरी के बाद सुप्रीम कोर्ट मामले की दिन प्रतिदिन सुनवाई करेगा. उन्होंने कहा कि इस मामले पर फैसला जल्द आ जाना चाहिए क्योंकि दोनों पक्षों को सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार है.

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने कुछ समय पहले सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लगाई थी. अपनी याचिका में सरकार ने कहा था कि 67 एकड़ जमीन का सरकार ने अधिग्रहण किया था, जिसपर सुप्रीम कोर्ट ने यथास्थिति बरकरार रखने का आदेश दिया था. सरकार ने कहा कि 2.77 एकड़ विवादित जमीन के अलावा बाकी जमीन पर कोई विवाद नहीं है, इसलिए उस पर यथास्थित बरकरार रखने की जरूरत नहीं है और उसको संबंधित पक्ष को सौंपने का आदेश करें.

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