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तिरंगा यात्रा के नाम पर कासगंज में हिंसा को लेकर अब भगवा संगठनों पर सवाल उठाना शुरू हो गए है. हाल ही में बरेली के डीएम राघवेंद्र से मुस्लिम मोहल्लों में जबरदस्ती जुलुस और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे को लेकर सवाल खड़े किये थे.

अब हरियाणा के चर्चित आईएएस अधिकारी प्रदीप कासनी ने भी फेसबुक का सहारा लेते हुए इस मुद्दें पर अपनी राय रखी है.  29 जनवरी को लिखी एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि झंडा फहराने के लिए होता है, न कि भरे-बाजार घसीटने के लिए. घुमाते तो लंगोट हैं, पहलवान.

खास बात यह है कि कासनी ने राघवेंद्र के उस पोस्ट को अपने वॉल पर पोस्ट किया जिसे वो पहले ही हटा चुके हैं. प्रदीप कासनी ने बरेली के डीएम कैप्टन राघवेंद्र विक्रम सिंह के पोस्ट का जिक्र किया है. उन्होंने लिखा है, ‘एक जिला मैजिस्ट्रेट? भीष्म साहनी कृत ‘तमस’ नहीं पढ़ा होगा!’ भीष्म साहनी की महान कृतियों में से एक मानी जाने वाली ‘तमस’ 1947 में बंटवारे के वक्त हुए सांप्रदायिक दंगों की कहानी है.

बता दें ​कि आईएएस प्रदीप कासनी की पढ़ाई हरियाणा के भिवानी और दिल्ली में हुई और वह तेजतर्रार अधिकारी माने जाते हैं. अब तक उनका करीब 71 बार तबादला किया जा चुका है. कैप्टन राघवेंद्र की तरह कासनी भी जल्द रिटायर (28 फरवरी) होने वाले हैं.

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