टिकरी बॉर्डर पर चल रहे कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन में किसानों की मौत का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। हरियाणा के हिसार जिले के एक किसान ने रविवार को टीकरी बॉर्डर पर फांसी लगा जान दे दी।

किसान की पहचान हिसार के सिसाय गांव के रहने वाले 49 वर्षीय राजबीर सिंह के रूप में हुई है। किसान ने कथित तौर पर एक सुसाइड नोट छोड़ा है। बताया जा रहा है कि किसान राजबीर काफी दिनों से किसान आंदोलन में लंगर सेवा में जुटा था।

राजबीर का अंतिम संस्कार सिसाय में किया गया। किसान अपनी पत्नी सरस्वती, 22 वर्षीय बेटा मनजीत व 24 वर्षीय बेटी पिंकी को पीछे छोड़ गया है।

बहादुरगढ़ शहर पुलिस थाने के एसएचओ विजय कुमार ने फोन पर बताया, ‘‘पीड़ित राजबीर हिसार जिले के एक गांव का रहने वाला था।’’ कुछ किसानों ने उनका शव फंदे से लटकते हुए देखा और इसकी सूचना पुलिस को दी।

पुलिस ने बताया कि राजबीर द्वारा कथित तौर पर छोड़े गए सुसाइड नोट में उल्लेख किया गया है कि उसके द्वारा उठाए गए इस कदम के लिए तीन कृषि कानून जिम्मेदार हैं। उन्होंने (राजबीर) इसमें यह भी कहा है कि केंद्र को इन कानूनों को निरस्त करके उसकी आखिरी इच्छा को पूरा करना चाहिए।

राजबीर ने अपने सुसाइड नोट में सरकार पर गुस्सा जाहिर करते हुए लिखा है कि ये सरकार खून मांगती और मैं अपनी शहादत देता हूँ। मेरी ये शहादत खराब नहीं जानी चाहिए चाहे मेरा शव सड़क पर रखना पड़ा। उन्होंने लिखा कि भगत सिंह ने देश के लिए जान दी थी और मैं किसान के लिए जान दे रहा हूँ। उन्होंने अपने गांव के किसानों से अपील करते हुए लिखा कि वह अपना हक लेकर ही वापस जाएं।

उधर, कुंडली बॉर्डर पर करनाल के किसान रविंद्र की मौत हो गई है। 30 वर्षीय रविंद्र सिंह असंध के ठरी गांव के रहने वाले थे। वह अपने ट्राली में मृत मिले। पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच में जुटी है।